NEWS PR डेस्क: मधुबनी,14 जुलाई। जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त 2026 तक हर हाल में 60,994 नए राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
सोमवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए प्राप्त सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करे।
बैठक में बताया गया कि जिले में एनएफएसए की कुल निर्धारित सीमा 39,48,894 लाभार्थियों की है। इसके विरुद्ध वर्तमान में 36,91,643 लाभार्थी योजना से आच्छादित हैं, जबकि 2,57,251 लाभार्थियों के लिए अभी भी सीलिंग उपलब्ध है।

डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायतवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने और आवश्यकता पड़ने पर कार्यपालक सहायकों की सेवाएं लेने का निर्देश दिया। साथ ही महादलित टोलों और मोहल्लों में विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए पात्र परिवारों की पहचान कर राशन कार्ड के लिए आवेदन कराने पर जोर दिया।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को स्थानीय वसुधा केंद्र और सीएससी संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र लोगों के आवेदन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आवेदन के समय जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर शीघ्र निष्पादन करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड निर्माण का लक्ष्य पूरा होने तक सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों का आकस्मिक अवकाश स्थगित रहेगा। अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम स्तर से अनुमति मिलने पर अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी प्रतिदिन शाम पांच बजे तक प्रगति प्रतिवेदन जिला आपूर्ति पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के सहयोग से व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र परिवारों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने और समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल करने पर विशेष बल दिया गया।
