NEWS PR डेस्क ; गयाजी बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह से जुड़े राजनीतिक विवाद और विधान परिषद चुनाव के परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर मामला उनके संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की समीक्षा करने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभिन्न राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए और एनडीए को मिले समर्थन का उल्लेख किया। डॉ. प्रेम कुमार ये बातें गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत करजरा स्थित स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में आयोजित पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 के दौरान कही।
अनंत सिंह के मामले में समीक्षा के बाद होगी कार्रवाई,
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह से जुड़े मामले पर कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के संबंध में शिकायत और दस्तावेज उनके पास आए हैं। आरोप है कि अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान जदयू के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ खुलकर प्रचार किया था। उन्होंने कहा कि मामले की समीक्षा करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जदयू ने अनंत सिंह पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। यह विवाद विधान परिषद चुनाव के दौरान सामने आया था। पार्टी की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई की मांग भी की गई है।
डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि उनके समक्ष आए विषय की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में अब इस मामले में आगे होने वाली प्रक्रिया पर राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हैं। हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया अलग-अलग हैं। सदस्यता से संबंधित निर्णय निर्धारित संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही लिया जा सकता है।
एमएलसी चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर उठाए सवाल ,
विधान परिषद चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में हुए चुनावों में कांग्रेस को सफलता नहीं मिली। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नतीजों से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का आकलन किया जा सकता है।
उन्होंने अपने बयान में उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए भाजपा को आठ और समाजवादी पार्टी को तीन सीटें मिलने की बात कही। बिहार के परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पांच सीटें एनडीए, तीन विपक्ष और दो निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलीं। इन परिणामों को लेकर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो रहा है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि हालिया चुनावों में एनडीए को समर्थन मिला है। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों के बीच भी एनडीए को समर्थन मिलने की बात कही। ये उनके राजनीतिक आकलन और बयान हैं। चुनाव परिणामों के आधार पर विभिन्न दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों और आधिकारिक नतीजों के संदर्भ में किया जाना चाहिए।
करजरा में पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 का आयोजन,
राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के योगदान की सराहना की। गया जिले के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत करजरा स्थित इस संस्थान में पुरातन छात्र मिलन समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1978 में हुई थी। यहां से शिक्षा प्राप्त कर बड़ी संख्या में विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों के योगदान को इसकी शैक्षणिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
आयुर्वेद और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर ,
डॉ. प्रेम कुमार ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आयुष मंत्रालय की स्थापना और गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने से इनके महत्व को व्यापक पहचान मिल सकती है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सकों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
महाविद्यालय एवं चिकित्सालय आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी भूमिका निभा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संस्थानों से ग्रामीण आबादी को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलता है और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों से संस्थान को पहचान ,
पुरातन छात्र मिलन समारोह में संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर देशभर में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। ऐसे आयोजन पुराने विद्यार्थियों को संस्थान से जोड़ने, अनुभव साझा करने और आयुर्वेद चिकित्सा के विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में आयुर्वेद शिक्षा को मजबूत बनाने, ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। वर्ष 1978 में स्थापित स्वामी राघवेंद्र त्रिदंडी महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की शैक्षणिक यात्रा और चिकित्सा सेवा में योगदान को रेखांकित करते हुए उम्मीद जताई गई कि संस्थान भविष्य में भी समाज को अपनी सेवाएं देता रहेगा।
गया से आशीष कुमार की रिपोर्ट ;-