रैयाम चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर पुनः शुरू करने की कवायद तेज

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: रैयाम/दरभंगा चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर पुनः संचालित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी Kaushal Kumar की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें National Federation of Cooperative Sugar Factories Ltd, नई दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य रैयाम/दरभंगा चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर फिर से शुरू करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करना था। विशेषज्ञों ने सहकारिता मॉडल के विभिन्न लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस व्यवस्था के तहत स्थानीय किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। किसानों को उत्पादन, प्रबंधन और लाभ में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी मिलने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों की आय और रोजगार सृजन पर जोर

बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही गन्ना क्षेत्रफल (रकबा) में संभावित वृद्धि से जुड़ी चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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विशेष रूप से सिंचाई व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ और विस्तारित करने, नलकूपों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि गन्ना उत्पादन में सतत वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

डीपीआर और केन फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर चर्चा

चीनी मिल के संचालन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने हेतु Cane Feasibility Report पर भी चर्चा हुई। इसके लिए कृषि, सहकारिता, सिंचाई, ऊर्जा और राजस्व सहित अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक आंकड़े एकत्र करने की मांग की गई, ताकि एक व्यवहार्य और दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक आंकड़े शीघ्र उपलब्ध कराएं और आपसी समन्वय के साथ कार्य सुनिश्चित करें। बैठक में आर.बी. डुले (मुख्य गन्ना सलाहकार), एम. चौधरी (तकनीकी सलाहकार), विजय कुमार सिंह (संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, दरभंगा प्रमंडल), अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, पुष्कर राज (ईख पदाधिकारी, दरभंगा) तथा सुदर्शन कुमार (जिला सहकारिता पदाधिकारी, मधुबनी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रैयाम/दरभंगा चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर पुनर्जीवित करने की यह पहल क्षेत्र के किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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