सारण में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 2.33 लाख से अधिक आबादी प्रभावित; राहत एवं बचाव कार्य जारी

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं। जिले के 7 प्रखंडों की 35 पंचायतों के 109 गांवों की कुल 2,33,511 आबादी बाढ़ से प्रभावित है। प्रशासन के अनुसार अब तक 1,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि जिले में अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
155 नावों से चल रहा राहत एवं बचाव कार्य
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और बचाव कार्य के लिए 155 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा एसडीआरएफ के 6 राफ्ट तैनात किए गए हैं, जिनमें सदर में 2, दिघवारा में 2 और सोनपुर में 2 राफ्ट शामिल हैं। एनडीआरएफ की एक यूनिट भी जिले में पहुंच चुकी है।
डोरीगंज में जलस्तर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के बाद प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर हटाया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

15 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में कुल 15 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें सदर छपरा में 4, रिविलगंज में 4, दिघवारा में 3, सोनपुर में 2 और गड़खा में 2 केंद्र शामिल हैं।
इन सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से अब तक 12,005 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। आवश्यकता के अनुसार रसोई केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
मेडिकल टीम और बोट एंबुलेंस सक्रिय
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 21 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से अब तक 1,371 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। वहीं, 6 बोट एंबुलेंस भी सक्रिय हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
राहत सामग्री का वितरण
प्रशासन द्वारा अब तक 8,945 ड्राई राशन/फूड पैकेट तथा 11,349 पॉलिथिन शीट्स का वितरण किया जा चुका है।
पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। जिले में 8 पशु शिविर संचालित हैं, जहां 678 पशुओं को रखा गया है। इन शिविरों में चारा और पशु चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
तटबंधों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर
बाढ़ के बीच तटबंधों की सुरक्षा और मरम्मत का कार्य भी तेजी से जारी है। त्रिलोकचक (दिघवारा) और सिमरिया (दरियापुर) में तटबंध में आई दरार को भरने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
सोनपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों—सबलपुर पछियारी, सबलपुर मध्यवर्ती, सबलपुर पूर्वी, सबलपुर उत्तरी और नजरमीरा आदि—से आए बाढ़ प्रभावित लोगों और बच्चों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्र-सह-राहत शिविरों में विशेष व्यवस्था की गई है।
बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों की तर्ज पर सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके लिए खेल, मनोरंजन, रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि राहत अवधि के दौरान बच्चों को सकारात्मक और सुरक्षित माहौल मिल सके।
प्रभारी मंत्री ने लिया राहत कार्यों का जायजा
उप मुख्यमंत्री सह सारण जिले के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्तर पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने प्रभारी मंत्री को बाढ़ की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ आश्रय स्थलों, सामुदायिक किचन, मेडिकल टीमों, पशु कैंप, नावों एवं अन्य राहत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, प्रभारी सचिव, सारण तथा गृह विभाग, बिहार के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने भी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
प्रभारी मंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार सक्रिय रखने का निर्देश दिया।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिला प्रशासन ने आम लोगों से सजग एवं सतर्क रहने, अनावश्यक आवागमन से बचने और अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से बाढ़ की स्थिति को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने तथा जिला एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है। आवश्यकता पड़ने पर लोगों से प्रशासन द्वारा बनाए गए आश्रय स्थलों में जाने की अपील की गई है।

Share This Article