नकल से दूर, निगरानी में मजबूती: बिहार में सिपाही भर्ती की परीक्षा

Jyoti Sinha
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बिहार की ज़मीन आज एक बड़े मोड़ पर है, जहां लाखों युवाओं के सपनों की असली परीक्षा हो रही है। यह कोई साधारण प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उन युवाओं की अंतिम कसौटी है जो वर्षों से सिपाही बनने का सपना देख रहे हैं। सिपाही भर्ती परीक्षा का छठा और अंतिम चरण आज दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक एक ही पाली में संपन्न हो रहा है।राज्यभर के 38 जिलों में बनाए गए 627 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। करीब 16.73 लाख उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया है, जबकि कुल पद मात्र 19,838 ही हैं। इस मुकाबले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यहाँ हर सवाल और हर सेकंड का महत्व है।परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, मोबाइल जैमर सक्रिय हैं, मजिस्ट्रेट की निगरानी है और सुरक्षाबलों की लगातार गश्त चल रही है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश सिर्फ़ वैध एडमिट कार्ड और पहचान पत्र के साथ ही संभव है। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच, ईयरफोन, और किसी भी प्रकार के नोट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।बीते चरणों की परीक्षाओं में कुछ उम्मीदवारों ने धोखाधड़ी की कोशिश जरूर की, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सतर्कता ने हर बार उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। कई जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई, गिरफ्तारी हुई और कुछ को परीक्षा से बाहर कर दिया गया।इस लिखित परीक्षा के बाद अगली चुनौती PET (शारीरिक दक्षता परीक्षा) होगी, जिसमें अभ्यर्थियों को दौड़, लंबी कूद और अन्य फिजिकल एक्टिविटी में अपने दमखम का प्रदर्शन करना होगा। लेकिन वहां तक वही पहुंच पाएंगे जो इस OMR परीक्षा में अपनी मेहनत का सही प्रमाण दे पाएंगे।यह परीक्षा सिर्फ़ एक नौकरी पाने की दौड़ नहीं है, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत की परीक्षा है.

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