दीपावली पर GD Goenka School की अनूठी पहल, अनाथालय और गुरुकुलम के बच्चों संग बांटी खुशियां

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: दीपावली के पावन पर्व से पूर्व जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया के विद्यार्थियों ने एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए पूर्णिया स्थित अनाथालय एवं गुरुकुलम का भ्रमण किया। विद्यालय की प्राचार्या पुलोमा नंदी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा प्रथम, द्वितीय एवं नवमी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा करना था, जो अपने परिवार से दूर रहकर इन संस्थानों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने आपसी सहयोग एवं स्वैच्छिक योगदान से मिठाइयाँ, ड्राई फ्रूट्स, बिस्कुट, नमकीन, चिप्स सहित विभिन्न खाद्य सामग्री एकत्रित की और वहाँ रह रहे बच्चों के बीच वितरित की। विद्यार्थियों ने इस पहल के माध्यम से बच्चों को त्योहार की खुशियों में सहभागी बनाया और उन्हें परिवार जैसा अपनापन देने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के दौरान दोनों संस्थानों के बच्चों और जी.डी. गोयनका के विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद एवं मेलजोल का विशेष वातावरण देखने को मिला। बच्चों ने एक साथ विभिन्न खेल खेले, गीत गाए और कविता-पाठ किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने विचारों, अनुभवों और सपनों को भी वहाँ के बच्चों के साथ साझा किया। इन आपसी संवादों और सांस्कृतिक गतिविधियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया तथा बच्चों के बीच मित्रता और आत्मीयता का सुंदर रिश्ता स्थापित किया।

इस मुलाकात का एक महत्वपूर्ण पहलू सीखने-सिखाने का अनुभव भी रहा। जी.डी. गोयनका के विद्यार्थियों ने वहाँ रह रहे बच्चों से बातचीत कर उनके जीवन, दिनचर्या और अनुभवों को समझा। उन्होंने आत्मनिर्भर बनने, अपने दैनिक कार्य स्वयं करने, अनुशासन बनाए रखने तथा कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के तरीके सीखे। इस अनुभव ने विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों और आत्मनिर्भरता के महत्व से परिचित कराया।

कार्यक्रम में विद्यालय के सीनियर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर त्रिबेनी पांडेय, प्री-प्राइमरी कोऑर्डिनेटर इंद्राणी मुखर्जी, बिक्रम, श्रद्धा मैती एवं तन्मय आनंद उपस्थित रहे। विद्यालय के पीआरओ राहुल शांडिल्य भी कार्यक्रम में शामिल रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय की निदेशक प्राचार्या पुलोमा नंदी के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम इस विचार को साकार करता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान और अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाओं, करुणा, सहयोग, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है।

जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया की यह पहल संदेश देती है कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल अपने परिवार के साथ उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के जीवन में भी खुशियाँ भरने में है, जिन्हें अपनत्व और स्नेह की आवश्यकता है। दीपावली का वास्तविक प्रकाश तब सार्थक होता है, जब हमारे प्रयासों से किसी दूसरे के जीवन में भी मुस्कान और खुशियों के दीप जल उठें।

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