नेपाल-तिब्बत सीमा पर फिर फटी झील, बढ़ा बाढ़ का खतरा,चीन ने जारी किया Level-4 Alert

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक और झील फटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन की ओर से झील के फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई गई थी। अब झील के फटने के बाद आसपास के इलाकों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए नेपाल के रसुवा जिले में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 90 मिनट के लिए रोक दिया गया है। प्रशासन ने भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास बसे कई गांवों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों को भी तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
चीन में भी राहत-बचाव अभियान रोका गया
झील फटने के बाद चीन ने तिब्बत में भी राहत और बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया है। दोबारा बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए वहां लेवल-4 अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।
लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल और तिब्बत में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। दोनों देशों में अब तक 478 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल में 469 लोगों की मौत
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 977 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिकों के अलावा नेपाली सेना के 45 जवान और नेपाल पुलिस के 41 कर्मी भी शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
तिब्बत में भी बड़ी संख्या में लोग लापता
तिब्बत में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। दोबारा बाढ़ की आशंका के चलते चीन ने राहत एवं बचाव गतिविधियों को रोककर प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट बढ़ा दिया है।

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