नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद रविवार को जदयू कार्यालय, पटना में एक खास राजनीतिक हलचल देखने को मिली। भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे नीतीश कुमार का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान माहौल उस समय और दिलचस्प हो गया जब उन पर बने गीत पर उन्होंने खुद ताली बजाई और मंच पर मौजूद नेताओं को भी तालियां बजाने के लिए प्रेरित किया।
पंपलेट नीतीश कुमार को अब भी बिहार का मुख्यमंत्री बताया गया
वहीं कार्यक्रम के दौरान एक पंपलेट भी बांटा गया, जिसमें नीतीश कुमार को अब भी बिहार का मुख्यमंत्री बताया गया। इतना ही नहीं, डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें ‘सीएम’ कहकर संबोधित कर दिया, जिससे सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
निशांत कुमार का भी कार्यकर्ताओं ने खास अंदाज में स्वागत किया
वहीं, जदयू दफ्तर में पहुंचे उनके बेटे निशांत कुमार का भी कार्यकर्ताओं ने खास अंदाज में स्वागत किया और उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया। इस मौके पर ‘सुशासन को देगा रफ्तार, इंजीनियर निशांत कुमार’ गाना भी बजाया गया। निशांत कुमार ने घोषणा की कि वे 3 मई से बिहार यात्रा पर निकलेंगे और 4 मई को चंपारण में पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
नीतीश कुमार के पांच प्रमुख संदेश
बता दें कि कार्यक्रम में वितरित पंपलेट में नीतीश कुमार के पांच प्रमुख संदेश भी शामिल थे— “मैं काम करता हूं, मेरा काम ही बोलता है”, “राजनीति सेवा के लिए है, मेवा के लिए नहीं”, “न्याय के साथ विकास, हर क्षेत्र और तबके का विकास”, “आधे मन से कोई बड़ा काम नहीं होता” और “बिहार को उस ऊंचाई पर ले जाना है, जहां से कोई नीचे न ला सके।” इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम बिजेन्द्र यादव, विजय चौधरी, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार , महेश्वर हजारी, संजय कुमार सिंह और अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बड़ा संकेत
वहीं मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बड़ा संकेत मिला है। विजय चौधरी ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में नीतीश कुमार की मौजूदगी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाती है, जो आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को मजबूत करने में मददगार साबित होगी।
नीतीश की मौजूदगी से बढ़ी हलचल, पंपलेट में भी दिखे ‘मुख्यमंत्री’
Nitish Kumar's return amid applause and slogans created a new stir in Bihar politics