NEWS PR डेस्क: पटना, 28 मार्च 2026। बिहार में रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य सरकार 1 अप्रैल से किसानों से सीधे गेहूं की खरीद शुरू करेगी। यह खरीद सहकारिता विभाग के जरिए पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से की जाएगी, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलेगी।
इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने इस बार 0.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए पहले से ही ऑनलाइन निबंधन की व्यवस्था शुरू कर दी है। किसान 21 जनवरी से कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा रहे हैं। बिना पंजीकरण के खरीद संभव नहीं होगी, इसलिए विभाग लगातार किसानों को जागरूक करने में जुटा है।
भुगतान व्यवस्था को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेहूं बेचने के 48 घंटे के भीतर पीएफएमएस (Public Financial Management System) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दावा किया जा रहा है।
किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंचायत स्तर पर स्थित पैक्स या प्रखंड स्तर के व्यापार मंडलों में जाकर गेहूं बेच सकेंगे। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
सहकारिता विभाग ने सभी जिलों में किसानों के साथ बैठकें कर उन्हें खरीद प्रक्रिया, पंजीकरण, गुणवत्ता मानक और भुगतान प्रणाली की जानकारी दी है। सरकार का कहना है कि इस बार व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान-हितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
यदि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो वे अपने प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी या संयुक्त निबंधक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।