‘जेपी सेनानियों के सम्मान में छूटे कार्य पूरे करेगी सरकार’, संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में बोले सम्राट चौधरी

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 25 जून। भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को पटना में आयोजित “संविधान हत्या दिवस” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के लिए चिंता और आत्ममंथन का दिन है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया गया था, जिसका विरोध करते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलन ने देश को तानाशाही से मुक्ति दिलाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपी आंदोलन से जुड़े सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और राज्य सरकार उनके सम्मान में छूटे हुए कार्यों को पूरा करेगी। उन्होंने घोषणा की कि जेपी आंदोलन से जुड़े ऐसे लोगों की पहचान के लिए एक समिति गठित की जाएगी, जिनका नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो सका है। साथ ही अगले वर्ष 25 जून को सभी जेपी सेनानियों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्का मकान, बिजली, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को सस्ती एवं मुफ्त बिजली का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।

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भोजपुर की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल न्यायिक जांच समिति का गठन किया है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के “सहयोग” कार्यक्रम के 30 दिन पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पहले एक महीने में कुल 3 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3 लाख 20 हजार मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। इसके तहत 9 हजार अधिकारियों और कर्मियों को पहला नोटिस, 350 को दूसरा नोटिस भेजा गया, जबकि केवल एक व्यक्ति को तीसरा नोटिस जारी करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में उस अधिकारी ने भी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पूरा कर लिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही जेपी आंदोलन के मूल्यों और लोकतांत्रिक आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था। भारतीय जनता पार्टी इस दिन को हर वर्ष “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाती है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को याद करती है।

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