NEWS PR डेस्क: पटना, 02 जुलाई। बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर कहा कि राज्य में ‘Triple T’ (Transparency, Technology and Trust) के सिद्धांत पर आधारित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के साथ सुशासन को नई मजबूती मिलेगी।
सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर स्थित ज्ञान भवन में निगरानी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण किया और विभाग की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का भी अवलोकन किया।
सभी प्रमंडलों में बनेंगे विशेष निगरानी न्यायालय
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार के सभी नौ प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) स्थापित किए जाएंगे। इन अदालतों का उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना और दोषियों को जल्द सजा दिलाना है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को गवाही देने के लिए आने-जाने पर परिवहन भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
हर जिले में निगरानी थाना, अनुमंडलों में बनेगी विजिलेंस ओपी
मुख्यमंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य के हर जिले में निगरानी थाना तथा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी (आउट पोस्ट) स्थापित करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से अपनी कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों को इस स्तर तक विकसित किया जाएगा कि जरूरत पड़ने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी इनके सहयोग की आवश्यकता महसूस करें।
भ्रष्टाचारियों की जब्त संपत्ति में खुलेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि जिन लोगों की संपत्ति भ्रष्टाचार के मामलों में जब्त होगी, उन परिसरों का उपयोग विद्यालय संचालित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में शामिल मंत्रियों, विधायकों से लेकर शीर्ष और निचले स्तर के अधिकारियों तक के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘न्याय के साथ विकास’ तभी संभव है, जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से राज्य में ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने युवाओं और सरकारी कर्मियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि स्कूलों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।
कार्यक्रम में दिलाई गई सतर्कता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सतर्कता शपथ लेकर अपने सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता से करने तथा जनहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान, पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह, एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य के सभी प्रमंडलों और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
