विक्रमशिला सेतु बंद होने का असर: फल-सब्जी और दूध कारोबार पर संकट

भागलपुर की लाइफलाइन बंद होने से व्यापार ठप, किसानों और आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

Rashmi Tiwari

भागलपुर का लाइफलाइन माना जाने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद इसका सीधा असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पुल बंद होने से फल, हरी सब्जी और दूध के कारोबार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीण इलाकों से रोजाना किसान साइकिल और मोटरसाइकिल के जरिए करीब 30 किलोमीटर का सफर तय कर भागलपुर पहुंचते थे, जहां वे अपने उत्पाद बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे लेकिन सेतु बंद होने के बाद अब उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
निजी नावों के सहारे गंगा पार करने को मजबूर
स्थिति यह है कि कई किसान अब मजबूरी में निजी नावों के सहारे गंगा पार करने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ समय अधिक लग रहा है बल्कि जोखिम भी बढ़ गया है। वहीं, मालवाहक वाहनों को अब लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों में बढ़ोतरी हो रही है। व्यापारियों का मानना है कि इसका सीधा असर आने वाले दिनों में बाजार में फल, सब्जी और दूध की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इधर, ट्रैफिक पुलिस लगातार माइकिंग कर लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दे रही है और सेतु की ओर न जाने की अपील कर रही है।कुल मिलाकर, विक्रमशिला सेतु के बंद होने से न सिर्फ यातायात प्रभावित हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी गंभीर दबाव में आ गई है।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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