NEWS PR डेस्क : बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, शालीनता और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को शिक्षण और कार्यालय अवधि के दौरान औपचारिक परिधान पहनकर ही विद्यालय आना होगा। विद्यालय परिसर में डीजे, डिस्को और अन्य अमर्यादित गतिविधियों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी किया है। विभाग ने अधिकारियों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
जींस और टी-शर्ट पहनकर विद्यालय आने पर आपत्ति
शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि विद्यालयों में शालीन व्यवहार और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्व में भी निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई विद्यालयों में इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
विभाग को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कुछ शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी जींस, टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़े पहनकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस पर आपत्ति जताते हुए शिक्षण एवं कार्यालय अवधि में औपचारिक परिधान पहनना अनिवार्य करने का निर्देश दिया है।
स्कूलों में डीजे और डिस्को जैसी गतिविधियों पर सख्ती
शिक्षा विभाग ने विद्यालय परिसरों में डीजे, डिस्को और अन्य अमर्यादित गतिविधियों के आयोजन पर भी चिंता जताई है। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और गरिमा को प्रभावित करती हैं। ऐसी गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा हालांकि, शिक्षा कैलेंडर में निर्धारित विशेष अवसरों पर नृत्य और संगीत के अनुशासित एवं शालीन कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
सभी DEO को अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश
अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने स्तर से निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और गरिमापूर्ण व्यवहार विकसित करने का भी स्थान हैं।
विभाग ने विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देशों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया है।