NEWS PR डेस्क:बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के चकिया अनुमंडल क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रशासन ने नवजात बच्चों की जिंदगी को खतरे में डालकर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे अस्पतालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग होम को सील कर दिया है।

बंद हॉल में मिला तड़पता नवजात
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) शिवानी शुभम के नेतृत्व में हुई औचक छापेमारी के दौरान व्यापार मंडल परिसर स्थित एक बंद हॉल का ताला तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। अंधेरे कमरे में वार्मर पर एक सात दिन का नवजात शिशु तड़पता हुआ मिला। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी। मासूम को लावारिस हालत में छोड़कर संचालक फरार हो चुके थे।
बच्चे के रोने की सूचना पर पहुंची प्रशासनिक टीम
एसडीओ शिवानी शुभम ने बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि बंद हॉल से लगातार किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम मौके पर पहुंची, जहां बाहर से बड़ा ताला लगा मिला। बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने तत्काल ताला तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया। जांच के दौरान वहां से “लाल गोपाल क्लीनिक” का बोर्ड और प्रिस्क्रिप्शन बरामद किया गया, जिस पर डॉ. पी. कुमार और डॉ. के.के. पाठक का नाम अंकित था।
संजीवनी चाइल्ड केयर में भी मिला गंभीर लापरवाही का मामला
इसके बाद प्रशासनिक टीम ने पुराना बाइपास स्थित “संजीवनी चाइल्ड केयर” में छापेमारी की। यहां एनआईसीयू (NICU) में चार नवजात बच्चे भर्ती मिले, लेकिन पूरे अस्पताल में एक भी डॉक्टर, नर्स या कंपाउंडर मौजूद नहीं था। बच्चों के परिजन अस्पताल के बाहर चिंतित और बेबस हालत में बैठे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. चंदन कुमार की निगरानी में सभी बच्चों को तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
दो अस्पताल सील, उपकरण जब्त
प्रशासन ने लाल गोपाल क्लीनिक और संजीवनी चाइल्ड केयर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। छापेमारी के दौरान वार्मर, ऑक्सीजन सिलेंडर सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण भी जब्त किए गए। जांच के दौरान संजीवनी चाइल्ड केयर से जुड़े चिकित्सक डॉ. अनुज कुमार और डॉ. रंजन कुमार भी अनुपस्थित पाए गए।
दोषियों पर दर्ज होगी FIR
एसडीओ शिवानी शुभम ने कहा कि नवजात बच्चों की जान के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अस्पताल संचालकों और संबंधित चारों चिकित्सकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में बिना मानक और अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लीनिकों व नर्सिंग होम के खिलाफ प्रशासन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
