NEWS PR डेस्क:बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की है। मांझी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में शराबबंदी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।मांझी की मांग पर मंत्री सुनील कुमार ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार में फिलहाल शराबबंदी कानून पूरी तरह लागू है और सरकार अपने फैसले पर कायम है।

मांझी की मांग के बाद सरकार का रुख साफ
सरकार की ओर से कहा गया है कि बिहार में शराब के अवैध कारोबार और सेवन के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अवैध शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।सरकार के अनुसार, कई मामलों में ट्रायल चल रहे हैं और दोष साबित होने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन को अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।
अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अवैध शराब की बिक्री और कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। हाल में सामने आई एक आपराधिक घटना को लेकर भी सरकार ने इसे गंभीर और निंदनीय बताया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
सरकार ने कहा है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए सरकार ने दोषियों को नहीं बख्शने का भरोसा दिया है।
शराबबंदी पर आगे की राजनीति पर नजर
जीतन राम मांझी की समीक्षा की मांग के बाद शराबबंदी कानून एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है। हालांकि सरकार ने फिलहाल कानून में बदलाव के कोई संकेत नहीं दिए हैं और शराबबंदी को पूरी तरह लागू रखने की बात दोहराई है।