भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा आदेश, 11 आरोपियों पर गैर-जमानती वारंट जारी

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: आरा। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा सीजेएम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने एफआईआर और जांच के दौरान सामने आए नामों के आधार पर 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 12 अगस्त तक आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। इसी दिन भोजपुर के एसपी को भी अदालत में उपस्थित होकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।

किन लोगों के खिलाफ जारी हुआ वारंट?
परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह के अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ NBW जारी किया गया है, उनमें तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, विकास कुमार, एएसआई रमाशंकर यादव समेत कुल 11 लोग शामिल हैं। मामले में एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
परिवार की ओर से मांगी गई थी जांच की प्रगति
भरत तिवारी के परिवार की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कोर्ट में आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच की प्रगति और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनके मुताबिक, अदालत ने इन प्रार्थनाओं को स्वीकार करते हुए पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। परिवार की ओर से मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच का भी मुद्दा उठाया गया है।
एसडीएम की भूमिका को लेकर परिवार का दावा
अधिवक्ता ने दावा किया कि जांच के दौरान तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार का नाम सामने आया है और परिवार की ओर से उन्हें मामले की कथित साजिश में मुख्य आरोपी बताया गया है।
वकील ने यह भी दावा किया कि तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा से पुलिस मुख्यालय में पूछताछ की गई है।
12 अगस्त की सुनवाई पर रहेगी नजर
अब इस मामले में 12 अगस्त की तारीख अहम मानी जा रही है। अदालत में पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट देनी होगी। बता दें कि भरत तिवारी की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। सरकार की ओर से इस प्रकरण की न्यायिक जांच भी कराई जा रही है। आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट।

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