NEWS PR डेस्क: गोपालगंज,19 मई। चर्चित 16 एकड़ जमीन कब्जा मामले में मंगलवार को एडीजे-3 सह एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट ने कुचायकोट से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को फिलहाल राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को 27 मई तक जारी रखने का आदेश दिया है। वहीं, मामले में नामजद अन्य आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिल सकी।
कोर्ट ने विधायक के भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है और पुलिस कभी भी कार्रवाई कर सकती है।

यह मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव से जुड़ा है, जहां पीड़ित पक्ष ने 16 एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस पूरे मामले में भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित और राजेश कुमार पाठक ने राहुल तिवारी के खिलाफ आरोपों को निराधार बताया। अधिवक्ताओं ने कहा कि चार दिनों तक चली बहस में कोर्ट को बताया गया कि राहुल तिवारी के खिलाफ कोई स्पष्ट आरोप नहीं है। इसके बावजूद जमानत याचिका खारिज कर दी गई, जिसे अब पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

अधिवक्ता नरेश दीक्षित ने कहा कि कोर्ट का विस्तृत आदेश मिलने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी और आगे की कानूनी रणनीति तय होगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक पप्पू पांडेय के मामले में अगली सुनवाई 27 मई को होगी, जबकि अन्य आरोपियों की अर्जी फिलहाल नामंजूर कर दी गई है।
अब इस मामले में सभी की निगाहें 27 मई की सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि उस दिन अदालत यह तय कर सकती है कि विधायक को मिली अंतरिम राहत आगे भी जारी रहेगी या फिर पुलिस कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।