शिक्षक से मंत्री तक का सफर: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की बड़ी उपलब्धि

साधारण शुरुआत, असाधारण उपलब्धि

Rashmi Tiwari

साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर संगठन और शिक्षा के अनुभव के दम पर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मिथिलेश तिवारी अब बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर विधानसभा से विधायक मिथिलेश तिवारी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू होकर अब कैबिनेट तक पहुंचा है, जिसे संघर्ष और संगठनात्मक मेहनत की मजबूत कहानी माना जा रहा है।


शिक्षा और शुरुआती जीवन
खास बात यह है कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने पढ़ाई और शिक्षण के क्षेत्र में भी काम किया। आइए जानते हैं शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पढ़ाई, राजनीतिक सफर और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी बड़ी बातें। बता दें कि मिथिलेश तिवारी ने अपनी पढ़ाई पटना में पूरी की। उन्होंने अर्थशास्त्र विषय में बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही उनकी रुचि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रही। कॉलेज के दिनों में ही वे छात्र संगठनों से जुड़ गए थे, जहां उनकी भाषण शैली और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।


शिक्षक से नेता तक का सफर
राजनीति में सक्रिय होने से पहले मिथिलेश तिवारी ने पटना में शिक्षक के रूप में काम किया। इसके साथ ही उन्होंने कोचिंग संस्थान भी चलाया। छात्रों के बीच उनकी सरल शिक्षण शैली और व्यवहार के कारण अच्छी पकड़ बनी रही। शिक्षा क्षेत्र का यही अनुभव अब उनके मंत्री पद में भी उपयोगी माना जा रहा है।
संगठन में लंबा अनुभव
बता दें कि मिथिलेश तिवारी का कोई बड़ा राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं रहा है। उनके पिता देवनारायण तिवारी पटना में पीडब्ल्यूडी विभाग में कर्मचारी थे। वे मूल रूप से डुमरिया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 1988 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर राजनीति की शुरुआत की और 1990 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। संगठन में वे लगातार सक्रिय रहे और विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।
चुनावी सफर
2015 में बीजेपी ने उन्हें बैकुंठपुर विधानसभा से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज की। हालांकि 2020 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2025 में उन्होंने मजबूत वापसी करते हुए राजद उम्मीदवार को हराकर सीट फिर से अपने नाम की। इस जीत के बाद ही उनके मंत्री बनने की संभावनाएं पहले से ही जताई जा रही थीं, जो अब शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी मिलने के साथ सच साबित हुईं। शिक्षा मंत्री के रूप में अब मिथिलेश तिवारी पर बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और नई नीतियों को लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। संगठन और शिक्षण क्षेत्र दोनों का अनुभव उनके कामकाज में अहम भूमिका निभा सकता है।

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