NEWS PR डेस्क: औरंगाबाद के सिंघना गांव में करमा पूजा के अवशेष विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पूजा का झूर विसर्जित करने गांव के पोखर पर गईं चार युवतियां गहरे पानी में डूबने लगीं। हादसे में गांव निवासी दीपक सिंह की 17 वर्षीय बड़ी बेटी आकांक्षा कुमारी की मौत हो गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव पोखर से बरामद किया गया वहीं, ग्रामीणों ने पायल कुमारी, छाया कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सहेली को डूबता देख तीनों ने भी पोखर में लगाई छलांग
बताया गया कि आकांक्षा अपनी तीन सहेलियों पायल कुमारी, छाया कुमारी और पुष्पांजलि कुमारी के साथ करमा पूजा के अवशेष विसर्जित करने पोखर पहुंची थी। विसर्जन के दौरान आकांक्षा अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
उसे परेशानी में देखकर तीनों सहेलियां भी उसे बचाने के लिए पानी में उतर गईं। देखते ही देखते चारों युवतियां डूबने-उतराने लगीं। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
तीन सहेलियों को बचाया गया, आकांक्षा के शव की तलाश में जुटे ग्रामीण
ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद पायल, छाया और पुष्पांजलि को पानी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद तीनों को इलाज के लिए बालूगंज स्थित निजी क्लिनिक ले जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल में तीनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
दूसरी ओर, आकांक्षा गहरे पानी में चली गई थी। ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक तलाश के बाद उसका शव बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर अंबा पुलिस भी गांव पहुंची और पूरे मामले की जांच की।
शादी तय थी, डोली से पहले उठी अर्थी; परिवार में मचा कोहराम
आकांक्षा एक भाई और एक बहन में सबसे बड़ी थी। परिजनों के अनुसार, उसकी शादी भी तय हो चुकी थी और करीब एक साल बाद उसकी डोली उठने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी अर्थी उठ गई। छोटा भाई अपनी दीदी को याद कर मां-पिता से लिपटकर रोते हुए बार-बार उसे उठने के लिए कह रहा है।
मां की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं, जबकि पिता बेसुध बैठे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चारों सहेलियां हमेशा साथ रहती थीं और एक-दूसरे की बेहद करीबी थीं। करमा पूजा का त्योहार एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसने पूरे गांव को गम में डुबो दिया।
औरंगाबाद से रिपोर्टर: रुपेश कुमार