दाखिल-खारिज में अनियमितता पर किशनगंज की सीओ सुचिता कुमारी निलंबित, विभागीय जांच में आरोप साबित

Patna Desk
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बिहार में जमीन सर्वेक्षण का कार्य तेज़ी से जारी है और राज्य सरकार इसे पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इसके बावजूद कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ताज़ा मामला किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड से सामने आया है, जहां राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सीओ सुचिता कुमारी को दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस संबंध में संयुक्त सचिव अनिल कुमार पांडेय ने शुक्रवार को निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान सुचिता कुमारी का मुख्यालय पूर्णिया में रहेगा।

शिकायत और जांच से खुला मामला

मामले की शुरुआत किशनगंज के निवासी मोहम्मद कसमुद्दीन की ओर से की गई शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीओ ने नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी की है। इस शिकायत पर जिलाधिकारी (DM), किशनगंज को जांच का जिम्मा सौंपा गया।

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जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सीओ ने जानबूझकर नियमों का उल्लंघन किया और दाखिल-खारिज में गंभीर लापरवाही बरती। इसे प्रशासनिक गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके आधार पर सुचिता कुमारी को निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि में मिलती रहेगी जीवन निर्वाह भत्ता

जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन के दौरान उन्हें सरकारी सेवा नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।

पारदर्शिता की दिशा में कदम

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की यह कार्रवाई प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि भूमि संबंधी कार्यों में कोई भ्रष्टाचार या लापरवाही न हो। ऐसे में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।

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