NEWS PR डेस्क: सुपौल सदर प्रखंड की घूरन पंचायत में कोसी नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी की तेज धारा के चलते किसानों की कई एकड़ उपजाऊ जमीन कटकर नदी में समा चुकी है। कटाव की रफ्तार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब वार्ड नंबर-6 में बसे परिवारों के घरों पर भी कटाव का खतरा मंडराने लगा है।

सूचना के बाद शुरू हुआ फ्लड फाइटिंग कार्य
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए घूरन पंचायत के मुखिया अबू नसर ने संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और फ्लड फाइटिंग का काम शुरू कराया।

हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो किलोमीटर इलाके में कटाव हो रहा है, लेकिन विभाग की ओर से केवल लगभग 500 मीटर क्षेत्र में ही सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक कटाव वाले हिस्सों को छोड़ दिए जाने से नदी लगातार जमीन को काट रही है।

ग्रामीणों ने विभागीय कार्यशैली पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद काम शुरू तो कराया गया, लेकिन उन स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा कार्य नहीं हो रहा है जहां तत्काल इसकी जरूरत है। उनका कहना है कि अधूरे काम से किसानों की जमीन और आबादी वाले इलाके को सुरक्षित करना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि कटाव प्रभावित पूरे क्षेत्र में तत्काल प्रभावी तरीके से फ्लड फाइटिंग का काम कराया जाए।
पंचायत समिति सदस्य ने की पूरे क्षेत्र में काम की मांग
मौके पर मौजूद पंचायत समिति सदस्य अनवर अली ने बताया कि संबंधित विभाग के एसडीओ स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं और उनके निर्देश के बाद सुरक्षा कार्य शुरू किया गया था। हालांकि, उनका आरोप है कि काम बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कटाव प्रभावित पूरे क्षेत्र को चिह्नित कर युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को राहत मिल सके।
किसानों की जमीन और घरों को बचाने की मांग
मौके पर मुखिया प्रत्याशी नौशाद आलम, अब्दुल कादिर, पैक्स अध्यक्ष मो. उमर फारूक, मो. इरशाद आलम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विभाग से अपील की है कि केवल खानापूर्ति के बजाय कटाव प्रभावित पूरे इलाके में ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता किसानों की बची हुई जमीन और वार्ड नंबर-6 के घरों को कोसी की तेज धारा से सुरक्षित रखना है।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट