NEWS PR डेस्क : होली के मौके पर बिहार लौटने की तैयारी कर रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गरीब रथ, तेजस राजधानी और हमसफर एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट या विशेष ट्रेनों का विकल्प ही बचा है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है।
4 मार्च को होली मनाई जाएगी और इसको लेकर दूसरे राज्यों से बिहार आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात यह हैं कि तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी प्रमुख ट्रेनों में 20 फरवरी से 3 मार्च तक सीटें पूरी तरह बुक हो चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों के सामने फिलहाल दो ही विकल्प हैं—तत्काल टिकट या स्पेशल ट्रेन। हालांकि सीमित सीटों के कारण तत्काल टिकट मिलना भी आसान नहीं है। जिन्होंने पहले से आरक्षण नहीं कराया है, वे विशेष ट्रेनों के जरिए यात्रा कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली से पटना समेत कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
इन स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन
गाड़ी संख्या 01667 (रानी कमलापति–दानापुर) : 27 फरवरी और 2 मार्च को चलेगी।
गाड़ी संख्या 01668 (दानापुर–रानी कमलापति) : 28 फरवरी और 3 मार्च को परिचालित होगी।
गाड़ी संख्या 09525 (हापा–नाहरलगुन) : 4 मार्च से प्रत्येक बुधवार को चलेगी, जिससे बिहार से वापस लौटने वालों को सहूलियत मिलेगी।
गाड़ी संख्या 09526 (नाहरलगुन–हापा) : 7 मार्च से हर शनिवार को चलाई जाएगी।
गाड़ी संख्या 09821 (सोगरिया–दानापुर) : 28 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी।
गाड़ी संख्या 09822 (दानापुर–सोगरिया) : 2 मार्च से 9 मार्च तक परिचालित होगी।
गाड़ी संख्या 01665 (रानी कमलापति–अगरतला) : 5 मार्च से हर गुरुवार को चलेगी।
गाड़ी संख्या 01666 (अगरतला–रानी कमलापति) : 8 मार्च से प्रत्येक रविवार को चलाई जाएगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
होली के दौरान ट्रेनों में संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कुल 1410 ट्रिप स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इनमें से 285 ट्रिप पूर्व मध्य रेलवे द्वारा संचालित होंगी। इससे बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अलावा 200 स्पेशल बसें भी चलाई जाएंगी। दिल्ली, कोलकाता, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बिहार के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को यात्रा में दिक्कत न हो।