महारैली बनाम मुख्यमंत्री दौरा: गया में बढ़ी प्रशासनिक चुनौती

बुद्ध पूर्णिमा के दिन गया बना सियासत का केंद्र, अलर्ट मोड में प्रशासन

Rashmi Tiwari

गया में 1 मई का दिन इस बार सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि सियासी हलचल और प्रशासनिक सख्ती का भी गवाह बनने जा रहा है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जहां सामान्यतः धार्मिक गतिविधियां केंद्र में रहती हैं, वहीं इस बार राजनीतिक गतिविधियों ने माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
अंबेडकर संघर्ष मोर्चा ने गांधी मैदान से “संविधान सुरक्षा महारैली” निकालने का ऐलान किया है, जिससे राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। इसी बीच, लगभग उसी समय दोपहर 3 बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रस्तावित दौरा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। दोनों कार्यक्रमों का समय एक होने से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
जिला प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि गांधी मैदान में किसी भी नए संगठन या रैली को अनुमति नहीं दी जाएगी। एसडीएम अनिल कुमार रमन के अनुसार, केवल पारंपरिक और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को ही मंजूरी मिलेगी। मुख्यमंत्री के आगमन को ध्यान में रखते हुए गांधी मैदान में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए करीब 350 मजिस्ट्रेट और 1500 से अधिक पुलिस बल की तैनाती की तैयारी की गई है। डीएसपी सरोज कुमार शाह ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति कोई भी आयोजन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध भीड़ या कार्यक्रम का हिस्सा न बनें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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