NEWS PR डेस्क : बिहार में लाइट मोटर व्हीकल (LMV) ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पहले मान्यता प्राप्त ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेकर उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। राज्य सरकार इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में संशोधन करने जा रही है।

यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में आयोजित बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया। मुख्य सचिवालय में हुई बैठक में परिवहन, गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।
41 निबंधित ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान संचालित
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में फिलहाल 41 निबंधित ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जबकि कुल 66 संस्थानों को स्वीकृति दी जा चुकी है। शेष 25 प्रशिक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं और जल्द ही संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इन संस्थानों में आधुनिक तकनीक, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
के वाहन चालकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण
सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने सभी जिलों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर भी तैयार किया है। इसके साथ ही एक मानक सड़क सुरक्षा मार्गदर्शिका जारी की गई है, जिसके आधार पर सरकारी और निजी क्षेत्र के वाहन चालकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित और जागरूक चालक ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशिक्षित चालकों की भूमिका सबसे अहम
बैठक के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशिक्षित चालकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उनका कहना था कि लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का निर्णय राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और जिम्मेदार ड्राइविंग संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने का प्रयास …
वहीं, परिवहन सचिव राजकुमार ने कहा कि विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण आधारित मॉडल पर लगातार काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वाहन चालकों को बेहतर प्रशिक्षण और जागरूकता प्रदान कर सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा मिले और दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके
