NEWS PR डेस्क: पटना,18 जुलाई। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत पांच लाख से अधिक शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। शिक्षा विभाग ने लंबे समय से प्रतीक्षित ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026’ के तहत तबादला प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के अनुसार 29 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस बार स्थानांतरण पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। शिक्षकों को आवेदन के लिए किसी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा। इच्छुक शिक्षक 29 जुलाई से 5 अगस्त के बीच विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे।
तीन चरणों में होगी तबादला प्रक्रिया
विभाग ने स्थानांतरण को तीन अलग-अलग चरणों में पूरा करने का फैसला लिया है। पहले चरण में स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन और समानुपातिकरण किया जाएगा। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक है, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को शिक्षकविहीन या कम शिक्षक वाले विद्यालयों में भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया 7 अगस्त से 9 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान प्रारंभिक सूची जारी होगी, जिस पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनके निस्तारण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

दूसरे चरण में पारस्परिक (म्युचुअल) स्थानांतरण की प्रक्रिया होगी। जिन शिक्षकों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे के स्थान पर तबादले के लिए आवेदन किया होगा, उनकी सूची 10 से 14 सितंबर के बीच जारी की जाएगी।
इसके बाद 16 सितंबर को राज्य के सभी विद्यालयों में रिक्त पदों की संशोधित सूची पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसी आधार पर तीसरे चरण में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। पात्र शिक्षक 17 से 23 सितंबर तक अपनी पसंद के विद्यालयों का चयन कर आवेदन कर सकेंगे। जांच और स्थापना समिति की स्वीकृति के बाद 31 अक्टूबर तक अंतिम स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां
- 29 जुलाई–5 अगस्त: समायोजन एवं म्युचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदन
- 7 अगस्त–9 सितंबर: समायोजन के तहत स्थानांतरण प्रक्रिया
- 10–14 सितंबर: म्युचुअल ट्रांसफर सूची जारी
- 16 सितंबर: रिक्त पदों की संशोधित सूची प्रकाशित
- 17–23 सितंबर: सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन
- 24 सितंबर के बाद: सामान्य स्थानांतरण सूची जारी
- 31 अक्टूबर 2026: आपत्तियों के निस्तारण के साथ पूरी प्रक्रिया समाप्त
इन शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता
नई स्थानांतरण नियमावली में मानवीय आधारों को विशेष महत्व दिया गया है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, महिला शिक्षिकाएं तथा पति-पत्नी को एक ही जिले में पदस्थापित करने के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी समाधान करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन, सूची प्रकाशन और आपत्तियों के निपटारे सहित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक कार्यालयी दौड़-भाग समाप्त होगी।
