NEWS PR डेस्क: पटना, 30 मार्च 2026। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस दोहरी सफलता से विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है।
पहली कार्रवाई भागलपुर में हुई, जहां अनुमंडल कार्यालय सदर में तैनात स्टेनो प्रेम कुमार और लिपिक मयंक कुमार को 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि वे सेवा सम्पुष्टि से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। इस संबंध में मुंगेर निवासी परिवादी अभिजीत कुमार ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाकर दोनों को उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया।
वहीं दूसरी कार्रवाई वैशाली जिले के पातेपुर थाना में की गई, जहां पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) अखिलेश कुमार सिंह को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। उन पर आरोप है कि वे केस डायरी में मदद करने और एक अभियुक्त का नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे। परिवादी चंदन कुमार की शिकायत के आधार पर जांच के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना परिसर से गिरफ्तार किया।
दोनों मामलों में निगरानी थाना में कांड दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें संबंधित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।