राज्यसभा सीट पर मांझी बागी! बोले- ‘मंत्री पद छोड़ेंगे, NDA से नाता तोड़ेंगे’

Puja Srivastav
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NEWSPR डेस्क। पटना राज्यसभा सीटों को लेकर बिहार में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान देते हुए अपने गठबंधन एनडीए पर ही निशाना साध दिया. मांझी ने कहा कि- यदि इस बार उन्हें राज्यसभा की सीट नहीं मिली, तो वे न केवल मंत्री पद छोड़ देंगे, बल्कि एनडीए से भी नाता तोड़ने को तैयार हैं. उन्होंने भाजपा पर बेईमानी और वादाखिलाफी करने के आरोप लगाए.

गयाजी में आयोजित हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री और पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया. जीतन राम मांझी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय उन्हें राज्यसभा भेजने का वादा किया गया था, लेकिन अब उस वादे को पूरा नहीं किया जा रहा है. उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक हम पार्टी और उन्हें लगातार कम करके आंका गया. मांझी ने कहा कि अगर इस बार भी वादाखिलाफी हुई, तो वह चुप बैठने वाले नहीं हैं.

मंच से ही मांझी ने अपने बेटे और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन को भी राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि राजनीति में टिके रहना है तो जोखिम उठाना पड़ेगा. उन्होंने संतोष सुमन से कहा, “मन छोटा मत करिए, भाजपा से लड़ाई के लिए तैयार रहिए. अगर हमें कमजोर समझा गया, तो हम अलग रास्ता चुनने से पीछे नहीं हटेंगे.”

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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मांझी ने हम पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का आह्वान किया. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास कई जिलों में मजबूत वोट बैंक है और आने वाले चुनाव में 100 सीटों का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि अगर यह लक्ष्य हासिल नहीं हुआ, तो पार्टी आंदोलन और संघर्ष के रास्ते पर भी जा सकती है. अपने चिर-परिचित अंदाज में मांझी ने मजाकिया लेकिन तीखे शब्दों में राजनीति में कमीशन की बात भी छेड़ दी. उन्होंने कहा कि हर सांसद और विधायक कमीशन लेते हैं. “मेरा भी पिछली बार का पांच करोड़ था, जिसमें 40 लाख रुपये आए थे और वह पैसा हमने पार्टी को दे दिया. संतोष सुमन ऐसा नहीं करते, तो यह उनका दोष है. कम से कम पैसा तो इकट्ठा करिए, न 10 प्रतिशत मिले तो 5 प्रतिशत ही ले लीजिए,” मांझी ने हंसी-मजाक के बीच कहा.

गौरतलब है कि बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें आगामी महीनों में खाली होने वाली हैं, जिन पर अप्रैल में चुनाव होने हैं. संख्या बल के हिसाब से सभी सीटें एनडीए के खाते में जाती दिख रही हैं. ऐसे में जेडीयू, भाजपा और सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी खींचतान तेज हो गई है, और जीतन राम मांझी का यह बयान उसी दबाव की एक बड़ी झलक माना जा रहा है.

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