कैमूर,महाधरना में किसानों ने बिना उचित मुआवजा मिले एक इंच एक्सप्रेस-वे निर्माण नहीं होने देने का लिया संकल्पधरना में शामिल हुए विमलेश पांडेय पशुपति नाथ सिंह अनिल सिंह अभिमन्यु सिंह आदि संगठन के सदस्य।उचित मुआवजा की मांग एवं भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण के विरोध में 93 गांव के किसानों ने एक दिन एक समय अपने गांव के सामने महाधरना दिया। धरना में बैठे हजारों किसानों ने कहा बिना 1 करोड़ 28 लाख रुपए प्रति एकड़ कृषि भूमि का मुआवजा मिले एक इंच एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य नहीं होने देने का संकल्प लिया। धरना पर बैठे किसानों ने नापी की गई पिलर को उखाड़ फेंक दिया। सुबह 11 बजे दिन से धरना पर बैठे किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद जय जवान जय किसान एवं उचित मुआवजा नहीं तो एक्सप्रेस-वे नहीं के नारे लगा रहे थे। किसानों ने कहा कहीं भी कृषि भूमि 50 लाख रुपए प्रति एकड़ से कम नहीं है। किसानों ने कहा 50 लाख रुपए प्रति एकड़ बाजार मूल्य के चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
भारत माला परियोजना बनारस रांची टु कोलकाता एक्सप्रेस-वे के विरोध एवं उचित मुआवजा की मांग को लेकर किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं भारतीय किसान यूनियन कैमूर के आह्वान पर 93 मौजा के हजारों किसानों ने धरना में भाग लिया। धरना में शामिल विमलेश पांडेय अध्यक्ष किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर ने कहा बिना उचित मुआवजा मिले एक इंच सड़क निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ने बिहार सरकार को चेताया समय है किसानों की भूमि अधिग्रहण में मुआवजा की विसंगति दूर की जाय। उन्होंने ने कहा समय रहते मुआवजा की समस्या दूर नहीं होगा तो कैमूर जिला जलने लगेगा। अध्यक्ष ने कहा उचित मुआवजा की मांग कर रहे किसानों के साथ प्रशासन ने सख्ती किया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। 93 मौजा के धरना का भ्रमण करते हुए पशुपति नाथ सिंह महासचिव अनिल सिंह सचिव किसान संघर्ष मोर्चा कैमूर एवं अभिमन्यु सिंह अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन कैमूर ने कहा लड़ाई आर पार की लडी जाएगी।
किसान नेताओं ने कहा किसी भी किमत पर 1 करोड़ 28 लाख रुपए से कम मुआवजा स्वीकार नहीं है। उन्होंने ने कहा मरते दम तक आंदोलन करते रहेंगे। नेताओं ने कहा उचित मुआवजा के लिए जान दे देंगे।महाधरना में रामपुर प्रखंड गांव निसिजा ताली रामपुर झलखोरा विजरा लोंहदी गंगापुर ठकुरहट मसोई पसाई मईडाढ बसिनी गंगापुर चांद गोंई सहबाजपुर जिगिना सिहोरिया बबुरहन बेतरी सिहोरा सीओं दुमदुम सहारनपुर ढढनिया गोरहन जगरिया बिउर दुलहरा कुसहा करियडा भेरी खैंटी बघैला सरैला वयरी मोरवा गेंहुआ आदि 93 गांव के किसान धरना पर बैठे हैं। धरना में प्रो कमला सिंह परमानंद श्रीवास्तव सुनील कुमार जय प्रकाश नारायण रामायण सिंह अनिल सिंह टुनटुन सिंह अशोक कुमार रवि कुमार रामाकांत पाण्डेय विकास कुमार उपाध्याय राकेश उपाध्याय रंगई सिंह गुदरी सिंह लाला सिंह वकील सिंह अवधेश सिंह श्याम सुन्दर सिंह सचिदानंद सिंह भुपेंद्र सिंह संजय जायसवाल भानु प्रताप सिंह आदि हजारों किसान महाधरना में शामिल हुए।