NCB की बड़ी कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का किया भंडाफोड़, भारत को ट्रांजिट हब बनाने की साजिश नाकाम

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 16 मई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत पहली बार भारत में कैप्टागन नामक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग की बड़ी खेप जब्त की है। इस कार्रवाई में करीब 227.7 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में एक सीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहा था।

गृहमंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का बड़ा उदाहरण बताते हुए एनसीबी की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के जरिए भारत में पहली बार कथित “जिहादी ड्रग” कैप्टागन की जब्ती की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि भारत को ट्रांजिट रूट बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दिल्ली से शुरू हुई जांच, गुजरात तक पहुंचा नेटवर्क

एनसीबी को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से सूचना मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागन तस्करी के लिए ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किया जा रहा है। इसके बाद जांच एजेंसी ने नेब सराय इलाके में एक मकान की पहचान की।

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11 मई 2026 को छापेमारी के दौरान मकान में रखी एक चपाती कटिंग मशीन के भीतर छिपाकर रखी गई लगभग 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद की गई। शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप जेद्दा भेजी जानी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार सीरियाई नागरिक 15 नवंबर 2024 को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन जनवरी 2025 में वीजा समाप्त होने के बावजूद वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था।

मुंद्रा पोर्ट से मिली दूसरी बड़ी खेप

आरोपी से पूछताछ के बाद एनसीबी ने 14 मई को मुंद्रा कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक कंटेनर की तलाशी ली। यह कंटेनर सीरिया से “भेड़ की ऊन” बताकर आयात किया गया था। तलाशी के दौरान उसमें छिपाकर रखे गए तीन बैगों से करीब 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा ड्रग नेटवर्क खाड़ी देशों, खासकर सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्व देशों में सप्लाई के लिए सक्रिय था, जहां कैप्टागन का दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

भारत को ट्रांजिट हब बनाने की साजिश बेनकाब

एनसीबी ने कहा कि यह भारत में कैप्टागन की पहली जब्ती है और इससे यह साफ हुआ है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट भारत को ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी अब हवाला नेटवर्क, फंडिंग, लॉजिस्टिक्स चेन और अंतरराष्ट्रीय रिसीवरों की गहन जांच कर रही है।

यह कार्रवाई हाल ही में मुंबई में हुई उस बड़ी जब्ती के बाद हुई है, जिसमें इक्वाडोर से आए कंटेनर में छिपाकर लाई गई 349 किलोग्राम कोकीन पकड़ी गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट अब व्यावसायिक कार्गो और कंटेनर रूट्स का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।

एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी सूचना को MANAS हेल्पलाइन 1933 पर साझा करें। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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