NEWS PR डेस्क: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और त्रासदी के बाद गंडक नदी के पानी के साथ शवों, अज्ञात प्रजाति की मछलियों और संभावित प्रदूषण के बहकर आने को लेकर पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई है। इसे देखते हुए वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने गंडक नदी के आसपास रहने वाले लोगों से फिलहाल नदी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन नहीं करने की अपील की है। विधायक ने लोगों से सावधानी बरतने और स्थिति स्पष्ट होने तक नदी की मछली खाने से परहेज करने को कहा है।
बाढ़ के पानी के साथ रसायनों के नदी में पहुंचने की आशंका
वाल्मीकिनगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि नेपाल में आई त्रासदी के दौरान बाढ़ का पानी कई गांवों और शहरों से होकर गुजरा है। इन क्षेत्रों में छोटे-बड़े कई कारखाने भी मौजूद हैं, जहां अलग-अलग प्रकार के रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बाढ़ के पानी के साथ इन रसायनों के गंडक नदी में पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि नदी के पानी में संभावित प्रदूषण को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है।
नदी में शवों के बहकर आने से बढ़ी चिंता
विधायक ने बताया कि गंडक नदी में अभी भी शवों के बहकर आने और उनके सड़ने की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण नदी के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। इसके अलावा बाढ़ के पानी के साथ कई तरह की मछलियां भी नदी में बहकर आई हैं, जिनमें से कुछ ऐसी हैं जिन्हें स्थानीय लोग पहचान नहीं पा रहे हैं।
जांच होने तक मछली नहीं खाने की अपील
विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि इन अज्ञात मछलियों का सेवन करने से लोगों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इसलिए जब तक नदी के पानी और मछलियों की जांच के बाद स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक गंडक नदी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन नहीं करना ही बेहतर है।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से गंडक नदी के पानी और मछलियों की जांच कराने की भी मांग की है, ताकि संभावित स्वास्थ्य जोखिमों का पता लगाया जा सके और लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जा सके।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर : मोहम्मद इम्तियाज