बिहार में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विषयवार नई किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि सभी छात्रों तक 20 मई तक नई पुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाए।
नई व्यवस्था के अनुसार, सभी भाषाओं और वैकल्पिक विषयों की पाठ्यपुस्तकें NCERT आधारित होंगी, जिससे पूरे देश में एक समान शैक्षणिक स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी। भाषा समूह में कुल 12 विषय शामिल किए गए हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत, बांग्ला, मैथिली, मगही, अरबी, फारसी, भोजपुरी, पाली और प्राकृत जैसी विविध भाषाएं शामिल हैं।
वहीं वैकल्पिक विषय समूह में 19 विषयों को जगह दी गई है। इनमें गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, गृह विज्ञान, संगीत, बिजनेस स्टडीज, एकाउंटेंसी, इंटरप्रेन्योरशिप, मल्टीमीडिया एवं वेब टेक्नोलॉजी तथा योग एवं शारीरिक शिक्षा शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को तीन विषय अनिवार्य रूप से चुनने होंगे, जबकि एक अतिरिक्त विषय ऐच्छिक रूप में लिया जा सकेगा। पढ़ाई को और आसान बनाने के लिए अब शिक्षक टॉपिक-वाइज लेक्चर रिकॉर्ड करेंगे, जिससे छात्र घर बैठे भी पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही ग्रुप डिस्कशन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
मूल्यांकन प्रणाली में भी अहम बदलाव किया गया है। लेक्चर रिकॉर्डिंग और ग्रुप डिस्कशन को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। एक यूनिट का 20 प्रतिशत वेटेज तय किया गया है। कंटीन्युअस असेसमेंट 60 अंकों का होगा, जिसमें 31 अंक लिखित और 29 अंक स्पोकन के लिए होंगे। वहीं फाइनल टर्म असेसमेंट 100 अंकों का होगा, जिसमें लिखित और मौखिक दोनों का मूल्यांकन शामिल रहेगा।
बिहार में 11वीं-12वीं के लिए नई किताबें: नई शिक्षा नीति के तहत बड़ा बदलाव
बिहार में नई शिक्षा नीति लागू—11वीं-12वीं के छात्रों को मिलेंगी नई किताबें, पढ़ाई और मूल्यांकन का तरीका पूरी तरह बदला
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