NEWS PR डेस्क: स्कूल की किताबों में छोटी-मोटी प्रिंटिंग गलतियां आम बात हो सकती हैं, लेकिन अगर पाठ्यपुस्तक में पढ़ाई की जगह किसी बॉलीवुड फिल्म के सुपरहिट गाने के बोल छप जाएं तो यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर देता है। ऐसा ही मामला ओडिशा से सामने आया है, जहां कक्षा 5 की अंग्रेजी की किताब में गलती से फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लोकप्रिय गीत ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ के बोल प्रकाशित हो गए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह चूक तब सामने आई जब नई पाठ्यपुस्तक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। तस्वीरों में कक्षा 5 की अंग्रेजी पुस्तक के एक हिस्से में फिल्मी गीत के बोल छपे दिखाई दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग की संपादन और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
मामला सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस गलती को लेकर नाराजगी जताई। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी चूक किताब की एडिटिंग, प्रूफरीडिंग और प्रकाशन के कई चरणों से गुजरने के बावजूद कैसे नजरअंदाज हो गई।
प्रूफरीडिंग और जवाबदेही पर बहस तेज
इस घटना के बाद एक बार फिर स्कूली पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता और प्रकाशन प्रक्रिया पर बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राथमिक कक्षाओं की किताबों में इस तरह की गलतियां बच्चों की शिक्षा और पाठ्यक्रम की विश्वसनीयता पर असर डाल सकती हैं। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं हजारों गलतियां
ओडिशा की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में यह पहली बड़ी चूक नहीं है। इससे पहले भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्रकाशित SCERT की कक्षा 1 से 8 तक की 55 नई पुस्तकों में 1,678 से अधिक त्रुटियां सामने आ चुकी हैं। इनमें तथ्यात्मक गलतियों के साथ-साथ व्याकरण, वर्तनी और संदर्भ संबंधी कई गंभीर खामियां शामिल थीं। सबसे अधिक 705 त्रुटियां कक्षा 8 की पुस्तकों में दर्ज की गई थीं, जिसके बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक सवाल उठे थे।
सरकार ने पहले भी की थी सख्त कार्रवाई
इन गंभीर लापरवाहियों के बाद ओडिशा सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने टीई एंड एससीईआरटी (TE&SCERT) के तत्कालीन निदेशक मनोज पाढ़ी समेत तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। यह फैसला विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया था।
अब कक्षा 5 की अंग्रेजी की किताब में फिल्मी गीत के बोल छपने की घटना ने एक बार फिर पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता, संपादन प्रक्रिया और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
