NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 19 मार्च 2026: केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने और सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन अधिनियम, 2025’ लागू कर दिया है। इस नए कानून के तहत सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध उन सभी खेलों पर लागू होगा, जिनमें पैसे का लेनदेन शामिल है—चाहे वे कौशल आधारित हों, संयोग आधारित हों या दोनों का मिश्रण। इसके साथ ही ऐसे गेम्स के विज्ञापन, प्रचार, संचालन और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर भी रोक लगा दी गई है।
उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान
अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त दंड तय किए गए हैं।
ऑनलाइन मनी गेम्स संचालित करने पर 3 साल तक की जेल या ₹1 करोड़ तक जुर्माना
दोबारा उल्लंघन पर सजा 5 साल तक की कैद और ₹2 करोड़ तक जुर्माना
ऐसे गेम्स के विज्ञापन पर 2 साल तक की कैद या ₹50 लाख तक जुर्माना
ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने साफ किया है कि यह कानून केवल मनी गेम्स पर रोक लगाता है, जबकि ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए एक भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो गेम्स के वर्गीकरण, पंजीकरण और निगरानी का काम करेगा।
यूजर्स के लिए सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था
नए कानून में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शिकायत निवारण प्रणाली और पारदर्शी पंजीकरण व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही, अवैध प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए आईटी एक्ट के तहत अधिकार भी दिए गए हैं।
जनता से मांगी गई राय
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस कानून को लागू करने के लिए पहले ही ऑनलाइन गेमिंग नियम-2025 का ड्राफ्ट जारी कर हितधारकों और आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए थे।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है, एक सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम तैयार करना, जहां नवाचार को बढ़ावा मिले और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।