भाजपा में शामिल होना चाहते थे पप्पू यादव, निशिकांत दुबे के दावे से उठा सियासी तूफान

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। विवाद की शुरुआत एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट से हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।

रविवार (22 फरवरी 2026) को डॉ. निशिकांत दुबे ने पप्पू यादव के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि संसद सत्र के दौरान पप्पू यादव उनसे लोकसभा के भीतर मिलने आए थे। दुबे ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “अभी संसद सत्र के दौरान मुझसे यही सज्जन लोकसभा के अंदर मुझसे मिलने आए थे, एक ही इनकी विनती थी कि मुझे भाजपा में शामिल करवा दीजिए। अंगूर खट्टे हैं, कुछ तो दिन ईमान होना चाहिए? आपके चुनाव क्षेत्र में हमारे परिवार की कितनी जमींदारी है, यह भी लोगों को बताइए, कांग्रेस पार्टी से मेरा भाई पूर्णिया से विधायक रहे, यह भी बताइए। राजनीति की मर्यादा रखिए।”

दरअसल, इससे पहले पप्पू यादव ने निशिकांत दुबे पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, “देवघर में आज अडानी मंदिर आए थे, फिर वह उद्योगपतियों के एक एजेंट एमपी के यहां गए! उद्योगपतियों की दलाली और नेहरू गांधी के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाना उस सांसद का मुख्य धंधा है, इस भेंट से साफ है गांधी जी, नेहरू जी, राहुल जी, इंदिरा जी आदि के विरुद्ध दुष्प्रचार का निवेशक अडानी है!”

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निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया के बाद पप्पू यादव ने भी पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “इस महोदय का तो नाम नहीं लिए थे पर जब यह सामने आ गए हैं तो इनसे पूछ लिया जाना चाहिए। प्रमोद महाजन जी के यहां कौन-सी जमीन की जमींदारी संभाल रहे थे जनाब? दलाली की जमींदारी के महामहोपाध्याय आपके पैदाइश से पहले कई दफे हम सांसद रह चुके थे, वहीं पूर्णिया किसी के बाप की जमींदारी नहीं है।”

बता दें कि उद्योगपति गौतम अडानी रविवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसकी तस्वीरें उन्होंने अपने एक्स हैंडल से साझा कीं। अपने पोस्ट में अडानी ने लिखा, “यह मेरे लिए अलौकिक क्षण था। देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर लगा मानो सदियों की आस्था आज भी उसी जीवंत रूप में धड़क रही है. महादेव को शक्ति, संयम और संकल्प का प्रतीक क्यों कहा जाता है, यह अहसास यहाँ आकर और प्रबल होता है। इस पवित्र स्थल में अपनी सेवाएं देने वाले शासन-प्रशासन, सफाईकर्मियों और सुरक्षा बलों का हृदय से आभार। मैंने झारखंड समेत पूरे देश के सुख, शांति और समृद्धि के लिए बाबा से प्रार्थना की।”

फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस बयानबाज़ी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।

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