पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर टली, बेऊर जेल में बिताना पड़ेगा एक और रात

पटना सिविल कोर्ट में सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी, जिसे सुरक्षा कारणों से टाल दिया गया। लगातार मिल रही धमकियों को लेकर वकीलों में नाराजगी देखी गई और पुलिस से तीखी बहस भी हुई।

Asha Rai
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NEWS PR डेस्क: पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, एक अन्य ताजा मामले में उन्हें रिमांड पर रखा गया है, जिसके चलते फिलहाल उन्हें बेऊर जेल में ही रहना होगा।

पुलिस ने उन्हें पिछले शुक्रवार आधी रात को पटना स्थित उनके मंदिरी आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच काफी हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद बुद्धा कॉलोनी थाने में उनके खिलाफ एक अलग प्राथमिकी दर्ज की गई।

बुद्धा कॉलोनी मामले में सुनवाई बुधवार को प्रस्तावित थी, लेकिन कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सुनवाई टलने से सांसद को कम से कम एक और रात बेऊर जेल में बितानी पड़ेगी।

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बुधवार सुबह आए एक धमकी भरे ईमेल ने पटना, दानापुर और किशनगंज सिविल कोर्ट की कार्यवाही पर अचानक रोक लगा दी। ईमेल में दोपहर एक बजे पांच धमाकों की चेतावनी दी गई थी और भड़काऊ नारे भी लिखे गए थे। सूचना मिलते ही प्रशासन ने एहतियातन तीनों कोर्ट परिसरों को खाली करा दिया और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी।

पप्पू यादव की जमानत याचिका पर असर:

अदालतों के बाहर सैकड़ों वादकारी और अधिवक्ता इंतजार करते रहे, जबकि कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। पटना सिविल कोर्ट में सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित थी, जिसे सुरक्षा कारणों से टाल दिया गया। लगातार मिल रही धमकियों को लेकर वकीलों में नाराजगी देखी गई और पुलिस से तीखी बहस भी हुई। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार की घटनाओं के बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो पा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी:

सूचना के बाद पीरबहोर थाने की पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। कोर्ट परिसर के जज चैंबर, वॉशरूम और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

किशनगंज कोर्ट में भी सतर्कता:

किशनगंज कोर्ट को मिले ईमेल में रिमोट से विस्फोट और आरडीएक्स के इस्तेमाल का दावा किया गया था। प्रशासन ने तत्काल परिसर खाली कराया। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है। पटना सिविल कोर्ट को यह छठी बार धमकी मिलने की बात सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

डिजिटल जांच तेज:

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ईमेल सर्विस प्रोवाइडर से समन्वय कर आईपी एड्रेस और लॉग्स की त्वरित जांच जरूरी है। आशंका है कि वीपीएन या प्रॉक्सी सर्वर का उपयोग किया गया हो। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि पप्पू यादव और उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है, और जल्द ही दोनों मामलों में सुनवाई फिर से शुरू होने की संभावना है।

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