NEWS PR डेस्क: पटना, 02 जुलाई। राजधानी पटना में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार गुरुवार को एक और कदम आगे बढ़ गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन कर न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा का शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मलाही पकड़ी से भूतनाथ स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की।
करीब तीन किलोमीटर का यह सफर लगभग पांच मिनट में पूरा हुआ। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने टिकट लेकर मेट्रो में सफर किया। उनके साथ मंत्री नीतीश मिश्रा, जदयू नेता संजय सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और मेट्रो परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सफर के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और संचालन से जुड़ी जानकारियां दीं।
मलाही पकड़ी स्टेशन के जुड़ने के साथ अब यात्रियों को न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। हालांकि खेमनीचक स्टेशन का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने के कारण वहां फिलहाल मेट्रो का ठहराव नहीं रहेगा। स्टेशन तैयार होने के बाद उसे भी यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।

पटना मेट्रो प्रशासन ने न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक अधिकतम किराया 30 रुपये तय किया है, जबकि न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक यात्रा के लिए 15 रुपये देने होंगे। वर्तमान में सिंगल ट्रैक पर परिचालन होने की वजह से ट्रेनों का संचालन एक ही ट्रैक से दोनों दिशाओं में किया जा रहा है। इसी कारण अब प्रतिदिन मेट्रो के फेरे 24 से घटाकर 22 कर दिए गए हैं और प्रत्येक ट्रेन लगभग 35 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी।
मेट्रो की अधिकतम परिचालन गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी और फिलहाल संचालन वॉकी-टॉकी आधारित संचार प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। मलाही पकड़ी तक सेवा शुरू होने से कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, बैरिया बाइपास और आसपास के इलाकों के लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर बैरिया बस स्टैंड और राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा अधिक सुविधाजनक साबित होगी।
मेट्रो विस्तार के साथ अब न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक लगभग 6.2 किलोमीटर की दूरी करीब 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी। वहीं भविष्य में मलाही पकड़ी को राजेंद्र नगर मेट्रो टनल से जोड़ने के लिए स्लैब निर्माण का कार्य भी तेजी से जारी है।
