NEWS PR डेस्क : पूर्णिया। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उद्यमिता चुनौती (एनईसी) 2026 के अंतर्गत विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल (वीवीआरएस) के ई-सेल द्वारा पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कुल 62 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें प्रत्येक टीम में दो विद्यार्थी शामिल थे। इस प्रकार कुल 124 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक प्रतिभा, नवाचारपूर्ण सोच और उद्यमशील विचारों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशक्ति, नवीन विचारों और सामाजिक सरोकारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को सामने लाना नहीं था, बल्कि उनमें समस्या को पहचानने, समाधान के बारे में सोचने, नए विचार विकसित करने तथा उन विचारों को समाजोपयोगी रूप देने की क्षमता विकसित करना भी था। विद्यार्थियों ने अपने आकर्षक एवं विचारपूर्ण पोस्टरों के माध्यम से यह दर्शाया कि उनमें भविष्य की चुनौतियों को समझने और उनके लिए नए समाधान तलाशने की अद्भुत क्षमता है।

प्रतियोगिता को दो वर्गों में विभाजित किया गया। प्रथम वर्ग में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने मेरा स्वप्न व्यवसाय, मेरे समुदाय के लिए उपयोगी नवाचार, एक ऐसा उत्पाद जिसकी मैं कल्पना करता हूं तथा युवा उद्यमी दुनिया बदल सकते हैं जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की। इन विषयों ने विद्यार्थियों को अपने सपनों को पहचानने, आसपास की समस्याओं को समझने तथा उनके सरल एवं उपयोगी समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

वहीं द्वितीय वर्ग में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने वास्तविक जीवन की समस्या का समाधान करने वाला स्टार्टअप, सतत भविष्य के लिए उद्यमिता, दैनिक जीवन में तकनीक एवं नवाचार तथा उद्यमिता का भविष्य जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से तकनीक, पर्यावरण, सामाजिक विकास, स्टार्टअप और भविष्य की संभावनाओं को लेकर अपनी समझ एवं दूरदर्शिता का प्रभावशाली परिचय दिया।

प्रतियोगिता का प्रेरणादायी संदेश “सृजन करें, अभिव्यक्त करें और प्रेरित करें” रहा। इस संदेश ने विद्यार्थियों को यह समझने के लिए प्रेरित किया कि किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत एक विचार से होती है। जब विचार में रचनात्मकता, उद्देश्य और दृढ़ संकल्प जुड़ता है, तो वही विचार समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है।

इस अवसर पर विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा, निदेशक अभियंता रंजीत पॉल, उप-प्राचार्य गोपाल झा, गुरु चरण सिंह, रीता मिश्रा, प्रशासिका सुप्रिया मिश्र, प्रीति पांडेय, संस्थागत प्रमुख सी. के. झा, मनीष कुमार एवं आशीष झा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, उत्साह और नवाचारपूर्ण सोच की मुक्त कंठ से सराहना की।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि आज के विद्यार्थी केवल भविष्य के विद्यार्थी नहीं, बल्कि भविष्य के विचारक, नवाचारी और परिवर्तन के वाहक हैं। उन्हें सही मंच और उचित मार्गदर्शन प्रदान करना शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों को समझने और समाधानपरक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने ई-सेल की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वीवीआरएस में शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम और पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि विद्यार्थियों को रचनात्मकता, नवाचार, नेतृत्व, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय उद्यमिता चुनौती के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता इसी सोच का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रतियोगिता के सफल आयोजन में शिक्षक समन्वयक ज्ञान वर्धन कर्ण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं समन्वय से पूरी प्रतियोगिता व्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न हुई। इसके अतिरिक्त ई-सेल, वीवीआरएस से जुड़े शिक्षक-शिक्षिकाओं श्रेष्ठा मल्लिक, सुधाकर कुमार, प्रभास सरकार, तनुजा कुमारी, रितिका चंद एवं अरुणेश सुमन ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने, उनके विचारों को बेहतर दिशा देने तथा प्रतियोगिता के सफल संचालन में सराहनीय सहयोग प्रदान किया।

विद्यालय परिवार की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी गई। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने और भविष्य में कुछ नया एवं सार्थक करने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
राष्ट्रीय उद्यमिता चुनौती 2026 के अंतर्गत आयोजित यह पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता रचनात्मकता, कला, नवाचार और उद्यमिता का सुंदर संगम बनकर सामने आई। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि यदि सोच बड़ी हो, कल्पना को दिशा मिले और प्रयास निरंतर हो, तो छोटे-से-छोटा विचार भी बड़े बदलाव की नींव रख सकता है।
वीवीआरएस ई-सेल का यह प्रयास विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता के लिए तैयार करने का नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास है—ऐसा भविष्य, जहां वे समस्याओं को अवसर में बदलें, नए विचारों को आकार दें और अपने नवाचार से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दें।