राष्ट्रपति ने किया जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार, उपराष्ट्रपति पद की रेस में नीतीश कुमार का नाम चर्चा में

Jyoti Sinha
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देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। सोमवार की शाम उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे अगले ही दिन मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। अब उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति दोनों पद खाली हो गए हैं।

धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत यह कदम उठाया। उनके पद छोड़ने के साथ ही नए उपराष्ट्रपति की तलाश शुरू हो गई है। कई प्रमुख नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा है।

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने नीतीश कुमार का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए सामने आने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गर्व की बात होगी यदि नीतीश कुमार देश के अगले उपराष्ट्रपति बनते हैं।

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इस घटनाक्रम के साथ एक और सवाल उठ खड़ा हुआ है—राज्यसभा की कार्यवाही की कमान अब किसके हाथों में होगी? संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। ऐसे में जब उपराष्ट्रपति इस्तीफा देता है, तो स्वाभाविक रूप से राज्यसभा का चेयरमैन पद भी खाली हो जाता है।

संविधान में यह प्रावधान है कि चेयरमैन की अनुपस्थिति में राज्यसभा की कार्यवाही डिप्टी चेयरमैन की अध्यक्षता में चलाई जाती है। वर्तमान में इस जिम्मेदारी का निर्वहन हरिवंश नारायण सिंह करेंगे, जो 2020 से राज्यसभा के उपसभापति हैं। जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता और वे कार्यभार नहीं संभालते, तब तक संसद के ऊपरी सदन की कार्यवाही की जिम्मेदारी हरिवंश सिंह के पास रहेगी।

जगदीप धनखड़ का यह अप्रत्याशित इस्तीफा न केवल सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि उपराष्ट्रपति पद की दौड़ को लेकर नई राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे रहा है।

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