NEWS PR डेस्क: पटना। प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत देते हुए बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी है। यह सहायता वर्ष 2025 में अतिवृष्टि और ‘मोन्था’ तूफान से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को दी गई है।
मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने शनिवार, 21 फरवरी को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दो लाख से अधिक किसानों को आर्थिक संबल मिला है। सरकार का कहना है कि इस मदद से किसान दोबारा अपनी खेती को व्यवस्थित ढंग से शुरू कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री Samrat Choudhary, उप मुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha तथा कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

क्या है कृषि इनपुट अनुदान योजना?
बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित यह योजना बाढ़, सूखा या अत्यधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। यदि फसल का नुकसान 33 प्रतिशत से अधिक होता है, तो किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
योजना के तहत असिंचित भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये और सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं, बारहमासी फसलों के लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर तक 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रावधानित है।