शराबबंदी की समीक्षा करे सरकार, गरीबों और किसानों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव पर जताई चिंता: आनंद मोहन

Shreya Raj
आनंद मोहन का कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत।

NEWS PR डेस्क : तीन दिवसीय मगध दौरे पर गया पहुंचे पूर्व सांसद और जदयू नेता आनंद मोहन का फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान वह आमस प्रखंड में सामाजिक कार्यकर्ता पिंटू सिंह के आवास पर पहुंचे, जहां स्वागत समारोह के साथ कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान आनंद मोहन ने शराबबंदी, बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए की हार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

बांकीपुर हार पर शायराना अंदाज में साधा निशाना

बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए को मिली हार को लेकर आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसा। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “तू किसी और से न हारेगा, तुझको तेरा गुरूर मारेगा।” आनंद मोहन ने कहा कि सत्ता कई बार अपने अहंकार के कारण हारती रही है और इतिहास इसका गवाह है। उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे पर एनडीए को गंभीरता से विचार-विमर्श करने की सलाह दी।

जदयू नेता ने कहा कि किसी भी चुनाव में हार की केवल एक वजह नहीं होती। हार के पीछे कई कारण होते हैं और उन सभी कारणों पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।

शराबबंदी पर बोले- सरकार को नीति की समीक्षा करनी चाहिए

आनंद मोहन ने बिहार में लागू शराबबंदी को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महात्मा गांधी की सोच से प्रेरणा लेकर अच्छी नीयत और अच्छी सोच के साथ बिहार में शराबबंदी लागू की थी, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर यह नीति पूरी तरह सफल नहीं हो सकी है।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर एक समान नीति की जरूरत है। जब बिहार के आसपास के राज्यों में शराब आसानी से उपलब्ध है, तो बिहार में शराब की तस्करी और अवैध कारोबार को पूरी तरह रोकना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

आनंद मोहन ने कहा कि शराबबंदी का असर राज्य के राजस्व पर भी पड़ा है। सरकार को राजस्व की भरपाई के लिए दूसरे माध्यमों से संसाधन जुटाने पड़ते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इसका बोझ आम जनता, खासकर गरीबों और किसानों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर शराबबंदी की वजह से गरीबों और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है तो सरकार को इस नीति की समीक्षा करनी चाहिए।

युवाओं की समस्याओं की जड़ तक पहुंचने की जरूरत

बिहार, दिल्ली और झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी आनंद मोहन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को केवल आंदोलन या विरोध के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं के प्रदर्शन के पीछे की वास्तविक समस्या को समझना जरूरी है और सरकार को उसके मूल कारण तक पहुंचकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए।

तीन दिवसीय मगध दौरे के दौरान आनंद मोहन के कार्यक्रम में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी मौजूदगी रही। कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की।

गया से रिपोर्टर : आशीष कुमार

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