NEWS PR डेस्क: पटना, 12 मई। बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व मंत्री बागी कुमारवर्मा का सोमवार देर रात निधन हो गया। दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान उन्होंने रात करीब 12:40 बजे अंतिम सांस ली।
बागी कुमार वर्मा के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्हें एक जमीनी नेता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े राजनेता के रूप में याद किया जा रहा है।

उनके निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी शोक जताया है। एक्स पर उन्होंने पूर्व मंत्री की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, उनके देहावसान से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को पटना में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।बागी कुमार वर्मा समाजवादी पृष्ठभूमि वाले प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते थे। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी नेता उपेंद्र नाथ वर्मा के मंझले पुत्र थे।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार विधानसभा चुनाव जीतकर जनता का प्रतिनिधित्व किया। मखदुमपुर सीट से दो बार और अरवल जिले की कुर्था सीट से एक बार विधायक बने। लालू प्रसाद यादव की सरकार में उन्होंने मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी। साल 2014 में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू के टिकट पर औरंगाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। बाद में 2019 में जदयू छोड़कर फिर से राजद में शामिल हो गए। 2020 के विधानसभा चुनाव में कुर्था सीट से राजद उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज कर उन्होंने राजनीति में वापसी की थी।
परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा आघात है। उनके छोटे भाई अजिताभ वर्मा मगध विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. कुमुद वर्मा जदयू से विधान पार्षद हैं।