बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सरकार की ताकत साबित करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे। राजनीतिक नजरें इस शक्ति परीक्षण पर टिकी हैं, हालांकि संख्या बल उनके पक्ष में साफ दिखाई देता है।
सम्राट चौधरी राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री
15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसकी शुरुआत अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के संबोधन से होगी। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव रखेंगे।
सभी दलों के नेता प्रस्ताव पर अपने दल का पक्ष रखेंगे
बता दें कि सबसे पहले विस अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार का संबोधन होगा। उसके तुरंत बाद राज्य के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सम्राट चौधरी एक पंक्ति का प्रस्ताव पेश करेंगे। यह सभा वर्तमान राज्य मंत्रिपरिषद में विश्वास व्यक्त करती है। प्रस्ताव पर सदन में विमर्श होगा। सबसे पहले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव विश्वास मत के प्रस्ताव पर अपनी राय देंगे। फिर बारी-बारी से सभी दलों के नेता प्रस्ताव पर अपने दल का पक्ष रखेंगे। 243 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट रिक्त है। मत विभाजन 242 सदस्यों की संख्या के आधार पर होगा।
राजग के पांच घटक दलों के विधायकों की कुल संख्या 201
जानकारी के लिए बता दें कि राजग के पांच घटक दलों के विधायकों की कुल संख्या 201 है। विपक्ष में केवल 41 सदस्य हैं। इसलिए मतदान की संभावना कम ही है। संभव है कि ध्वनि मत के आधार पर सरकार विश्वास मत हासिल कर ले। विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री का संबोधन होगा, जिसमें वे सरकार की अगली नीतियों का ब्योरा देंगे। आम तौर पर सदन में मतदान के समय सदस्यों की अनिवार्य उपस्थिति के लिए दलों की ओर से व्हीप जारी किया जाता है। लेकिन, इस मतदान के लिए सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने भी व्हीप जारी नहीं किया है। बिहार भाजपा के 40 से अधिक विधायक पश्चिम बंगाल के चुनाव में व्यस्त हैं। उन्हें फोन कर बुला लिया गया है।
सम्राट चौधरी का आज इम्तिहान, विश्वास मत से साबित करेंगे ताकत
The government faces a test today based on its majority