NEWS PR डेस्क: राजधानी पटना में साइबर ठगों ने महज छह सेकेंड की फोन कॉल के जरिए एक व्यक्ति के बैंक खाते से 91 हजार रुपये उड़ा दिए। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने सिर्फ फोन उठाकर “हेलो” कहा था, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद खाते से दो ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकाल ली गई।

यह मामला आलमगंज थाना क्षेत्र के त्रिपोलिया अस्पताल स्थित कथकतल के पास रहने वाले महेंद्र मिस्त्री के साथ हुआ। सोमवार दोपहर वह अपने किराये के मकान में थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। महेंद्र ने फोन रिसीव कर “हेलो” कहा, लेकिन दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं मिला और करीब छह सेकेंड में कॉल कट गई।
कॉल समाप्त होने के तुरंत बाद उनके मोबाइल पर बैंक से दो ट्रांजैक्शन के मैसेज आए। संदेश देखकर उनके होश उड़ गए, क्योंकि उनके खाते से कुल 91 हजार रुपये निकाले जा चुके थे।
ऑनलाइन दर्ज कराई शिकायत
घटना के तुरंत बाद महेंद्र मिस्त्री ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने कॉल करने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की।
पहले भी दो ठगी के मामलों में इस्तेमाल हो चुका है नंबर
जांच के दौरान साइबर पुलिस को पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से कॉल की गई थी, उसके खिलाफ पहले से ही साइबर ठगी के दो अन्य मामले दर्ज हैं। यानी यह नंबर पहले भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने में इस्तेमाल किया जा चुका है।
तुरंत ब्लॉक क्यों नहीं किए जाते ऐसे नंबर?
आमतौर पर लोगों के मन में सवाल उठता है कि ऐसे संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक क्यों नहीं किया जाता। इस पर साइबर सेल का कहना है कि तकनीकी जांच के लिए इन नंबरों का सक्रिय रहना कई बार जरूरी होता है। चालू नंबरों के जरिए पुलिस असली साइबर अपराधियों तक पहुंचने और उनके नेटवर्क का पता लगाने में सफल होती है।
पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आमतौर पर डेढ़ से दो महीने के भीतर ऐसे नंबरों को स्थायी रूप से ब्लॉक करा दिया जाता है। फिलहाल साइबर पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
