सम्राट चौधरी ने पेश किया बजट सत्र 2025-26, बिहार वासियों को मिलीं बड़ी सौगातें, देखिए पूरी लिस्ट…

Patna Desk
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NEWSPR DESK PATNA- बिहार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी बिहार में 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट पेश किया। प्राइवेट निवेश को इस दफा के बजट में प्रोत्साहित किया गया। सम्राट चौधरी ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट रोजगार युक्त निवेश को बढ़ावा देने वाला बजट है। बजट पेश करने से पहले सम्राट चौधरी ने कहा कि- महोदय, अब में वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख घोषणाओं की जानकारी सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ…

1. राज्य के 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं समुचित विकास के लिए कुल 1,289 करोड़ रुपये की लागत पर योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। अन्य सभी बाजार समिति प्रांगण को कार्यशील किया जायेगा।

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2. राज्य सरकार द्वारा नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन (NCCF), नेफेड इत्यादि से समन्वय कर अरहर, मूंग, उड़द इत्यादि का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करते हुए क्रय किया जायेगा।

3. राज्य के सभी अनुमंडलों एवं सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना चरणबद्ध रूप से की जायेगी।

4 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के उत्पाद को उचित मूल्य एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) द्वारा सुधा के तर्ज पर संयुक्त रूप से राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर ‘तरकारी सुधा’ आउटलेट खोला जायेगा।

5. वर्तमान में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन के तहत कुल तीन संघों के अधीन अब तक कुल 302 प्रखंड स्तरीय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के शेष सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जायेगा और संघ से संबद्ध किया जायेगा।

6. राज्य के प्रत्येक पंचायत में गरीब कन्याओं के विवाह हेतु राज्य सरकार के द्वारा चरणबद्ध तौर पर कन्या विवाह मण्डप का निर्माण कराया जाएगा ताकि बहुत ही कम शुल्क पर विवाह भवन एवं विवाह से संबंधित सभी सुविधायें उपलब्ध हो सकें तथा इसका संचालन भी महिला स्वयं समूहों द्वारा ही कराया जायेगा।

7. पटना में महिला हाट की स्थापना की जाएगी एवं अन्य सभी बड़े शहरों में स्थापित व्यापार स्थल (Vending Zone) में महिलाओं के लिए स्थल को कर्णांकित किया जाएगा।

8. प्रायोगिक तौर पर पटना में चलन्त व्यायामशाला (Gym on Wheels) की शुरूआत की जाएगी तथा इसमें प्रशिक्षक भी सिर्फ महिलाएँ होंगी।

9 राज्य के सभी शहरों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में एक माह के अंदर 20 पिंक टॉयलेट स्थापित किये जायेंगे।

10. राज्य के सभी जिलों में बस स्टैंड को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक रूप से विकसित किया जायेगा ।

11. “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2025” तैयार की जा रही है. जो राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने एवं निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से एक गतिशील तंत्र के रूप में कार्य करेगी। यह नीति वर्तमान में निवेशकों की जरूरतों को यथासंभव सहयोग देते हुए निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक केन्द्र के रूप में विकसित करने में सहयोग करेगी। इसका लाभ राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी होगा।

12. स्थायी और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करके राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्यवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु “बिहार बॉयोफ्यूल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति, 2025” लागू की जाएगी। पर्यावरणीय चुनौतियों एवं नवीकरणीय उर्जा विकल्पों की बाजार में माँग के कारण निजी कंपनियों/तेल विपणन कम्पनियों द्वारा राज्य में कम्प्रेस्ड बॉयोगैस इकाईयों स्थापित की जाएगी। यह हमारी ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पर्यावरण को बिना प्रभावित किए हुए स्वच्छ स्रोतों से पूर्ण करने में सहयोग करेगी।

13. किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत् औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में रोजगार के नये अवसर09विकसित करने के उद्देश्य से “बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2025” लाई जाएगी। महोदय, बिहार में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों के लिए वृहत संभावना है, जिसको बढ़ावा देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी। इससे राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों आधारित इनपुट के लिए किसानों को अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, इन उत्पादों के आधार पर होने वाले मूल्य संवर्द्धन की प्रक्रिया में रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे।

14. बिहार को एक प्रमुख फार्मास्युटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने, फार्मास्युटिकल क्षेत्रों द्वारा पर्यावरण अनुकूल विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र विकास के साथ शैक्षणिक और औद्योगिक विकास के अवसरों को प्रोत्साहित करके फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए एक नवाचार और अनुसंधान एवं विकास केन्द्र बनाने तथा राज्य में रोजगार सृजन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “बिहार फार्मास्युटिकल प्रमोशन पॉलिसी, 2025” लागू की जाएगी।

15. बिहार में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस हेतु राज्य में प्लास्टिक विनिर्माण के लिए “बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति, 2025” लागू की जाएगी।

16. उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जायेगा।

17. राज्य के प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से कामकाजी महिला छात्रावास की स्थापना एवं संचालन हेतु पृथक नियमावली एवं कार्य योजना तैयार किया जाएगा।

18. गुड़ के लिये एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स” की स्थापना पूसा (समस्तीपुर) में की जायेगी।

19. देश के चयनित स्थानों यथा हैदराबाद, बेंगलुरू, मुंबई, दिल्ली एनसीआर,कोलकाता, गुवाहाटी, सूरत, लुधियाना, कोयम्बटूर एवं चेन्नई में प्रवासी परामर्श सह निबन्धन केंद्र (Migration Counselling cum Registration Centres) स्थापित्त किया जाएगा, जिससे राज्य के प्रवासी श्रमिकों को लाभ मिल पाएगा।

20. वर्तमान में राज्य के 534 प्रखंडों में से 358 प्रखंडों में अंगीभूत / राजकीय डिग्री महाविद्यालय नहीं हैं। इन प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से एक-एक डिग्री महाविद्यालय (सरकारी/ निजी) की स्थापना सुनिश्चित की जायेगी।

21. वर्ग 01 से 10 तक के सामान्य श्रेणी के छात्रों (अल्पसंख्यक सहित) की छात्रवृति दर को दोगुना किया जायेगा।

22. निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य में नए निजी मेडिकल कॉलेज संचालित किये जायेंगे।

23. निजी जन भागीदारी (PPP) के आधार पर नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे।

24. राज्य के बड़े अनुमंडलों में अनुमंडलीय अस्पताल के अतिरिक्त एक अन्य रेफरल अस्पताल का निर्माण किया जायेगा।

25. राज्य सरकार द्वारा लोक स्वास्थ्य प्रबंधन संवर्ग का सृजन किया जाएगा।

26. सम्पूर्ण राज्य में शहरी क्षेत्रों के लिए, विशेष रूप से वंचित वर्ग के लोगों के लिए, स्लम क्षेत्रों इत्यादि के लिए नगर चिकित्सा सुविधा केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। प्रथम चरण में बिहार राज्य के सभी 9 प्रमण्डलों के जिला मुख्यालयों में 108 चिकित्सा केन्द्रों को स्थपित किया जाएगा।

27. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम एवं इलाज हेतु “बिहार कैंसर केयर सोसाईटी” की स्थापना की जायेगी।

28. बेगूसराय में एक कैंसर अस्पताल की स्थापना की जाएगी।

29. “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना” अंतर्गत राज्य के सरकारी विद्यालय, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तथा स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में कक्षा 1 से X तक में अध्ययनरत् पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के छात्रवृत्ति दर को दोगुना किया जायेगा, जिसपर प्रतिवर्ष अतिरिक्त 875.77 करोड़ रूपये का व्यय अनुमानित है।

30. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति श्रेणी के छात्रों को दिये जाने वाले प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति दर को दोगुना किया जायेगा, जिस पर राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त लगभग 260 करोड रुपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है।

31. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना अन्तर्गत छात्रावास अनुदान की वर्तमान दर 1,000 रुपये प्रतिमाह को दोगुना कर 2,000 रुपये प्रतिमाह किया जायेगा।

32. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की आबादी वाले वैसे 40 प्रखंड, जिसमें 50.000 या उससे अधिक आबादी है तथा पूर्व से आवासीय विद्याालय संचालित नहीं है, में एक-एक 720 आवासन वाले विद्यालय की स्थापना की स्वीकृति के आलोक में 14 आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में कराया जायेगा।

33. बिहार के सभी प्रमंडलों में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल अवसंरचना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। पटना प्रमंडल के पुनपुन प्रखण्ड में कुल 100 एकड़ की भूमि चिन्हित कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण कर खेल अवसंरचना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की योजना है।

34. प्रत्येक प्रखंड में एक आउटडोर स्टेडियम की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।

35 स्टेट डाटा सेंटर 2.0 की कम्प्यूटिंग एवं स्टोरेज (Computing and Storage) क्षमता को बढ़ाने हेतु Phase-II की योजना बनायी गयी है, जिसके तहत आगे आने वाले वर्षों में 500 से अधिक Websites /Portals/Applications होस्ट किये जा सकेंगे।

36. किसी भी प्रकार के साईबर अटैक एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ अवरूद्ध नहीं हों. इसके लिए डाटा सेंटर हेतु रिकवरी सेवाएँ होना आवश्यक है। इसके लिए डिजास्टर रिकवरी (डी०आर०) एण्ड बिजनेस कंटीन्यूटी फॉर बिहार स्टेट डाटा सेंटर परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

37. राज्य के प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बस का परिचालन किया जाएगा, जिसमें सवारी, चालक एवं कण्डक्टर सभी महिलाएँ होंगी।

38. चालक एवं कण्डक्टर के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम से चालक, कण्डक्टर एवं डिपो मेन्टेनेंस स्टाफ के पदों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की जायेगी।

39 महिला स्व-रोजगार को बढ़ावा देने हेतु महिला चालकों को ई-रिक्शा एवं दो पहिया वाहन के व्यावसायिक परिचालन हेतु क्रय करने पर नगद अनुदान का प्रावधान किया जाएगा।

40. राज्य के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षक भी महिलाएँ होंगी।

41. राज्य के नहर के किनारे खाली जगहों तथा बाँधों पर सोलर पॉवर प्लांट अधिष्ठापित किये जायेंगे।

42. मैं गर्व के साथ बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड की घोषणा करता हूँ। इसमें प्रारंभिक सीड फंडिंग के रूप में राज्य सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह फंड सीड फंडिंग की तुलना में कई गुना निवेश को आकर्षित करेगा, जो बिहार को जलवायु अनुकूलन एवं कार्बन-न्यूट्रल बनाने में मदद करेगा।जलवायु वित्त को गतिशील करने में बिहार के नेतृत्व और हाल ही में स्वीकृत जलवायु अनुकूलन एवं न्यून कार्बन विकास पद्धति को लागू करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सार्वजनिक पूंजी को निजी निवेश के साथ मिश्रित करके यह फंड हमारी चुनौतियों को अवसरों में बदल देगा। इससे हमारी कृषि को जलवायु अनुकूल बनाने, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने एवं हमारे युवाओं के लिए हरित रोजगार का सृजन करने में सहायता मिलेगी। बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड ‘हरित बिहार, समृद्ध बिहार की हमारी दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है, जहां आर्थिक विकास पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रगति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है। यह अग्रणी पहल बिहार को भारत के अग्रिम राज्यों में खड़ा करती है, जहां हम अपने किसानों के हितों की रक्षा करने, समुदायों को सशक्त बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी भविष्य बनाने के लिए नवीन वित्तीय समाधान विकसित कर रहे हैं।

43. राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु 100 करोड़ रुपये की लागत से Bihar Clean Air Transformation परियोजना का क्रियान्वयन किया जायेगा।

44. पर्व त्योहार विशेषकर महिलाओं द्वारा संचालित छठ पूजा के अवसर पर धार्मिक पर्यटन योजना की शुरूआत की जायेगी। इसमें होम स्टे को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद प्रदान किया जाएगा।

45. प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं को पर्यटन गाईड के रूप में प्रशिक्षित कर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।

46. पूर्णिया हवाई अड्डा का निर्माण किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही चालू किया जायेगा।

47. राजगीर, सुल्तानगंज (भागलपुर) एवं रक्सौल में हवाई अड्‌डा विकसित करने हेतु कार्रवाई की जायेगी। इसी प्रकार छोटे हवाई अड्‌डा यथा, भागलपुर, वाल्मीकिनगर, वीरपुर (सुपौल), मधुबनी, मुंगेर और सहरसा हवाई अड्‌डा के साथ-साथ मुजफ्फरपुर हवाई अड्‌डा को उड़ान योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इन हवाई अड्‌डों को 19 सीटों तक की क्षमता वाले छोटे विमानों के संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। ये सभी योजनाएं बिहार में हवाई संपर्कता को मजबूती प्रदान करेगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।

48. देश के कुछ अन्य प्रमुख मेट्रो शहरों (दिल्ली और मुम्बई के अलावा) में बिहार एकीकृत केन्द्र (Integrated Centre of Bihar) की स्थापना की जायेगी, जिसके बहुआयामी उपयोग होंगे यथा (i) बिहार की पारम्परिक शिल्प, हस्तकला इत्यादि का प्रचार-प्रसार, (ii) बिहार की लोक कला एवं संस्कृति के प्रसार के साथ-साथ सांस्कृतिक पर्यो एवं त्योहारों का आयोजन, (iii) बिहारी खाद्य व्यंजनों का प्रचार-प्रसार, (iv) बिहार में निवेश हेतु Investment Promotion Cell का कार्यालय, (v) बिहार फॉउन्डेन्शन का कार्यालय तथा (vi) बिहार के लोगों के लिए बिहार भवन / बिहार सदन के तर्ज पर आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने जैसे कार्यों के लिए एक समेकित केन्द्र स्थापित किया जाएगा।

49. महिला सिपाहियों को पदस्थापन थाने के आस-पास आवासन सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किराये पर आवास लेकर आवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

50. वित्तीय वर्ष 2025-26 में मौसम संबंधित आपदाओं के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से एक सुदृढ़ एवं सक्षम मल्टी हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम (Multi Hazard Early Warning System) के अन्तर्गत एक हाईब्रिड डॉपलर वेदर रडार नेटवर्क (Hybrid Doppler Weather Radar Network) के निर्माण का प्रस्ताव है। इस हेतु प्रथम चरण में पश्चिम चम्पारण जिला तथा भागलपुर जिला में इसकी स्थापना की जाएगी।

51. वित्तीय वर्ष 2025-26 में निबंधन की प्रक्रिया को राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों मैं पूर्णतः Paperless किया जायेगा। देश या देश के बाहर रहने वाले व्यक्तियों द्वारा भी ऑनलाईन निबंधन किया जा सकेगा। Paperless निबंधन से पक्षकारों को भौतिक रूप से दस्तावेज तैयार नहीं करना होगा, इससे Go Green योजना को बढ़ावा मिलेगा।

52. हमारी सरकार ने बड़ी नदियों पर पुलों की संख्या एवं उनकी क्षमता बढ़ाकर राज्य के यातायात की सुविधा में अभूतपूर्व बदलाव लाया है और माननीय मुख्यमंत्री का सपना ‘राज्य के किसी कोने से 5 घंटे में पटना पहुँचने को साकार किया है। अब हम इस यात्रा समय को वर्ष 2027 के अंत तक 4 घंटे में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए राज्य की राजधानी को समस्त जिला मुख्यालयों से 4 लेन सड़क के द्वारा जोड़ा जाएगा।

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