NEWS PR डेस्क: मधुबनी 17 जून। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता ने मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड निवासी गणेश कुमार महरान को आत्मनिर्भर उद्यमी बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने लकड़ी फर्नीचर निर्माण इकाई स्थापित कर न केवल अपना व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं।
गणेश कुमार महरान ने वर्ष 2022 में लकड़ी फर्नीचर निर्माण इकाई की स्थापना की। उन्हें उद्योग विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपना उद्यम शुरू करने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत उन्हें 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने फर्नीचर निर्माण कार्य की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
व्यवसाय की शुरुआत के दौरान उन्हें बाजार में अपने उत्पादों की पहचान बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक समय में तैयार फर्नीचर को ग्राहकों तक पहुंचाना और प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी अलग पहचान स्थापित करना चुनौतीपूर्ण था। हालांकि, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, उचित मूल्य और निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त की। आज उनके द्वारा निर्मित फर्नीचर स्थानीय बाजार में पसंद किए जा रहे हैं।

गणेश कुमार महरान की इस इकाई से स्वयं के अलावा लगभग पंद्रह अन्य कुशल कारीगरों को भी रोजगार प्राप्त हुआ है। इससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।
भविष्य में वे अपने फर्नीचर व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए अतिरिक्त पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी। उनका मानना है कि बिहार जैसे राज्य में कुशल कारीगरों और बाजार की पर्याप्त संभावनाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर मेहनत और लगन के साथ उद्योग स्थापित करें, तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
