NEWS PR डेस्क: सहरसा सदर अस्पताल में डिजिटल मीडिया के पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ खबर संकलन के दौरान हुई मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं होने से पत्रकारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मामले को लेकर शनिवार को WJMC की प्रदेश स्तरीय टीम सहरसा पहुंची। टीम ने स्थानीय पत्रकारों के साथ शहर के पूजा रिसोर्ट में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
सिर्फ तबादले से संतुष्ट नहीं पत्रकार, दोषियों पर FIR और बर्खास्तगी की मांग
बैठक में WJMC पदाधिकारियों और स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि आरोपी डॉक्टर एस.के. आजाद का सिर्फ तबादला करना मामले का समाधान नहीं है। पत्रकार संगठन का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने डॉक्टर एस.के. आजाद समेत सभी आरोपियों की बर्खास्तगी की भी मांग रखी।
बैठक के बाद WJMC के पदाधिकारियों ने सहरसा के DIG कुमार आशीष से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर पत्रकार अभिषेक कुमार के साथ हुई घटना में जल्द FIR दर्ज करने की मांग की साथ ही डॉक्टर एस.के. आजाद और मारपीट में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
WJMC के डॉ. विनीत शेखर ने कहा कि पत्रकार पर अस्पताल परिसर में हमला होने के बाद सिर्फ तबादला करना उचित कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका आरोप था कि तबादला कार्रवाई के बजाय आरोपी को दूसरी जगह भेजना है।
2 अक्टूबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो अनशन की चेतावनी
डॉ. विनीत शेखर ने कहा कि अगर 2 अक्टूबर तक संगठन की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ उचित कदम नहीं उठाया गया, तो 2 अक्टूबर के बाद WJMC अनशन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को पटना से दिल्ली तक ले जाया जाएगा और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मौके पर WJMC के रीजनल हेड आंशू राजा, संयुक्त सचिव नजीर आलम, महासचिव संजय सिंह, प्रमंडलीय अध्यक्ष विनय वर्मा, प्रमंडलीय सचिव राजकुमार झा, प्रखंड अध्यक्ष शाहबाज खान और सहरसा जिला अध्यक्ष दीपेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पत्रकारों के साथ ऐसी घटनाओं में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
सुपौल से रिपोर्टर: अल्ताफ़ राजा