NEWS PR डेस्क: भागलपुर, 12 अप्रैल। निजी विद्यालयों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। री-एडमिशन फीस के नाम पर वसूली और महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
इस मुद्दे पर जिलाधिकारी Dr. Naval Kishore Chaudhary ने टाउन हॉल में निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उप विकास आयुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जहां स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट रूप से नियमों का पालन करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है, न कि आर्थिक शोषण का माध्यम। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी अभिभावक पर अनावश्यक शुल्क का दबाव नहीं डाला जाए और किताबों के नाम पर भी मनमानी नहीं हो। सभी विद्यालयों को सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी की गई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से उम्मीद की जा रही है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और संतुलन कायम होगा।