NEWS PR डेस्क: पटना, 23 जून। बिहार के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने नया शिक्षक निर्धारण मानक लागू किया है। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यालयों में छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। खास बात यह है कि कक्षा 6 से 8 तक प्रत्येक कक्षा के लिए कम से कम एक शिक्षक की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार उच्च प्राथमिक कक्षाओं में विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। विज्ञान एवं गणित, सामाजिक विज्ञान तथा भाषा विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षक तैनात किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।
नए मानक के तहत यदि किसी विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक 105 से 140 छात्र नामांकित हैं तो वहां एक अतिरिक्त अंग्रेजी शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। छात्र संख्या 140 से 175 होने पर एक और अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा, जो आवश्यकता के अनुसार संस्कृत या उर्दू विषय का होगा। वहीं छात्र संख्या 175 से अधिक होने पर जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने शिक्षक निर्धारण के लिए कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना है। हालांकि प्रशासनिक दृष्टिकोण से कक्षा 1 से 8 तक संचालित विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद एक ही रहेगा।
विभागीय समीक्षा में यह सामने आया था कि राज्य के कई विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए वास्तविक नामांकन, कक्षा संरचना और विषयगत आवश्यकताओं के आधार पर शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया गया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर द्वारा जारी पत्र में सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नए मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
शिक्षा विभाग के सचिव की मंजूरी के बाद यह नई व्यवस्था राज्यभर के प्रारंभिक विद्यालयों में लागू कर दी गई है। अब इसी मानक के आधार पर विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन और पदस्थापन किया जाएगा।
