NEWS PR डेस्क: पटना, 23 जून। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन को लेकर बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को कुशल (स्किल्ड) बनाया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में विभाग के सचिव कौशल किशोर ने विभिन्न योजनाओं और कौशल विकास मिशन के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
50 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि 5 लाख लोगों को जल्द रोजगार उपलब्ध कराने और 50 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेज गति से कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के विस्तार और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें।

जीविका दीदियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे योजना के लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रवासी बिहारियों और उद्योग जगत से सहयोग की योजना
मुख्यमंत्री ने बिहार फाउंडेशन के माध्यम से प्रवासी बिहारियों और उद्योग जगत के सहयोग से विशेष कौशल विकास कार्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे विदेशों में भी रोजगार हासिल कर सकें। उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचार कौशल (कम्युनिकेशन स्किल) और विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया।
प्रशिक्षण केंद्रों के आसपास होम-स्टे मॉडल को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों में होम-स्टे मॉडल को प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए आवश्यक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए। उनका मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर विकसित होंगे।
विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति तेज करने का निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने और शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बैठक में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, विभागीय सचिव कौशल किशोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
