NEWS PR डेस्क: बिहार के सरकारी शिक्षकों को अब शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिक्षा विभाग जल्द ही ‘शिक्षक सहयोग पोर्टल’ शुरू करने जा रहा है। विभाग की योजना इसे 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर लॉन्च करने की है। इस ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए शिक्षक अपनी विभागीय समस्याओं की शिकायत घर बैठे दर्ज करा सकेंगे। खास बात यह है कि पोर्टल पर दर्ज आवेदन का निर्धारित प्रक्रिया के तहत 30 दिनों के भीतर निपटारा करना अनिवार्य होगा।

कार्यालयों में आवेदन देने की जरूरत नहीं
अब तक शिक्षकों को अपनी समस्याओं को लेकर संबंधित कार्यालय में जाकर लिखित आवेदन देना पड़ता था। इसके बाद आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी लेने के लिए उन्हें दोबारा कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। शिक्षकों को अपनी आईडी के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर समस्या से संबंधित आवेदन दर्ज करना होगा। इसके बाद आवेदन संबंधित अधिकारियों के स्तर से आगे बढ़ेगा और उसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
कई स्तरों पर होगी आवेदन की जांच
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के मुताबिक, शिक्षक सहयोग पोर्टल को एक तरह से ऑनलाइन सहयोग शिविर की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां प्राप्त शिकायतें अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों से गुजरते हुए शिक्षा निदेशालय तक पहुंच सकेंगी। आवेदन की प्रक्रिया में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी समेत संबंधित स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। प्रत्येक स्तर पर आवेदन के निपटारे के लिए समयसीमा निर्धारित की जाएगी।
30 दिन में समाधान नहीं तो अधिकारी पर कार्रवाई
पोर्टल की सबसे अहम व्यवस्था जवाबदेही से जुड़ी है। अगर किसी शिक्षक की समस्या का निर्धारित 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग मुख्यालय से पोर्टल पर आने वाले आवेदनों की लगातार निगरानी भी करेगा। किस अधिकारी के पास आवेदन कितने समय से लंबित है और किस गति से उसका निपटारा किया जा रहा है, इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
छुट्टी और एरियर के लिए भी ऑनलाइन आवेदन
शिक्षकों को सिर्फ शिकायत दर्ज कराने की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि वे छुट्टी के लिए भी पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे। छुट्टी के आवेदन पर संबंधित अधिकारी को दो दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा। इसके अलावा एरियर भुगतान समेत अन्य वित्तीय मामलों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी शिक्षक इसी पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इससे विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ने और शिक्षकों के समय की बचत होने की उम्मीद है।